वैश्विक स्तर पर पिछले एक दो साल में कई तरह की क्रोनिक बीमारियों के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। लगभग सभी उम्र के लोग इसके शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज-हार्ट की समस्याओं के साथ बच्चों-युवाओं में बढ़ती न्यूरोलॉजिकल बीमारियां गंभीर चिंता का कारण बनी हुई हैं। इससे न सिर्फ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नेगेटिव प्रभाव होने का खतरा रहता है। साथ ही ये क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी गंभीर तौर पर प्रभावित कर सकती है।

द लैंसेट न्यूरोलॉजी जर्नल में पब्लिश हुई एक स्टडी अध्ययन के अनुसार, साल 2021 में दुनियाभर में 3.4 बिलियन (340 करोड़) से अधिक लोग कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के साथ जी रहे थे। अल्जाइमर रोग ऐसी ही एक समस्या है। ये एक न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है जो मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं के प्रभावित होने के कारण होती है। 60 से ज्यादा उम्र वाले लोगों में इस रोग का खतरा ज्यादा होता है। अल्जाइमर रोग के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने और इसकी चुनौतियों से निपटने के लिए हर साल 21 सितम्बर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे मनाया जाता है। तो चलिए ऐसे में आज आपको इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि इससे कैसे बचा जा सकता है।

अल्जाइमर रोग-डिमेंशिया का खतरा

एक्सपर्ट्स के अनुसार, अल्जाइमर रोग, डिमेंशिया का सबसे आम रूप है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ कहते हैं, अल्जाइमर का कारण क्या है, इस बारे में ज्यादा पता नहीं चल पाया है। कुछ जीन्स को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसके अलावा डाइट और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण भी इस रोग का खतरा काफी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया के खतरे को कम करने के लिए कुछ उपायों को कारगर पाया है। इसे सभी लोगों को फॉलो करना चाहिए।

ऑलिव ऑयल

हार्वर्ड विश्वविद्यालय सहित शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने ऑलिव ऑयल का सेवन करना बेहद फायदेमंद माना है। एक शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि प्रतिदिन लगभग एक चम्मच जैतून के तेल का सेवन करने से डिमेंशिया के कारण मृत्यु का जोखिम लगभग 30% तक कम हो सकता है। 28 वर्षों तक अमेरिका में 92,000 से अधिक वयस्कों के डेटा का अवलोकन करने पर पता चला कि ऑलिव ऑयल न सिर्फ अल्जाइमर से बचाने में लाभकारी है साथ ही इससे इन रोगों के कारण मौत का खतरा भी कम हो सकता है।

नियमित व्यायाम करें

हार्वर्ड के सेंटर फॉर अल्जाइमर रिसर्च एंड ट्रीटमेंट में क्लिनिकल ट्रायल के एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर डॉ. गैड मार्शल के अनुसार, एक्सरसाइज की आदत बनाकर भी आप इस रोग से बचे रह सकते हैं। शारीरिक व्यायाम अल्जाइमर के विकास को रोकने या इसके शिकार लोगों में लक्षणों की प्रगति को धीमा करने में मदद करता है। रोजाना 30 मिनट तक मध्यम तीव्रता वाले एरोबिक व्यायाम की आदत आपको इस रोग से बचाने में मददगार साबित होगी।

अच्छी नींद लें

हेल्दी फूड और व्यायाम के साथ अल्जाइमर-डिमेंशिया से बचाव के लिए अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। अध्ययनों में यह पाया गया है कि रोजाना अच्छी नींद लेना अल्जाइमर को रोकने में मदद कर सकता है। हर रात 7-8 से आठ घंटे सोएं।

जिन लोगों को पहले से ही अल्जाइमर की शिकायत रही है वह अपनी स्लीप यानी की नींद में बदलाव करके समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

By tnm

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