पीरियड्स आना लड़कियों के जीवन का एक अहम अंग है। पीरियड्स हर एक महीने में लड़कियों को आते ही हैं। यह प्रक्रिया लड़कियों में कम से कम 12, 13 साल की उम्र में शुरू हो जाती है, लेकिन आजकल लड़कियों में 9, 10 साल की उम्र में ही शुरू हो रही है। जिसे एक चिंता का विषय माना जाता है। इसकी वजह से उन्हें आगे चलकर दिक्कतें आ सकती हैं। जल्दी पीरियड्स आने की कई वजहें हो सकती हैं।
कारण
एक स्टडी में पता चला है कि लड़कियों में जल्दी पीरियड्स शुरू होने का एक कारण घर में इस्तेमाल होने वाली चीजों में केमिकल्स का मौजूद होना है। इसलिए माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि उनकी बच्ची वही पर्सनल केयर के प्रोडक्ट्स यूस करे जो ठीक और नेचुरल हो।
इसके साथ लड़कियों में बढ़ता मोटापा भी इसका एक कारण हो सकता है। लड़कियों जब बचपन से मोटी हो जाती हैं तो पीरियड्स जल्दी आने का खतरा हो जाता है। इसके अलावा तनाव भी एक कारण है। जब लड़कियां तनाव ज्यादा ले लेती हैं तो उनके अंदर कोर्टिसोल हार्मोन और एण्ड्रोजन हार्मोन ज्यादा रिलीज हो जाते हैं। फैट टिशू की वजह से हार्मोन एस्ट्रोजन में बदल जाते हैं और ब्रेस्ट में तबदील हो जाते हैं। यह बदलाव भी पीरियड्स जल्दी लाने का कारक है।
उपाय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे पूरी तरह से संतुलित आहार लें। हेल्दी और कंप्लीट डाइट लेने से पहले प्यूबर्टी और पीरियड्स आने पर रोक लग सकती है। इसके साथ ही रोजाना व्यायाम करना बहुत जरूरी है और पूरी नींद लेना भी। इसका ध्यान रखने से जल्दी प्यूबर्टी और पीरियड्स का खतरा टल सकता है। अपने बच्चों को भी इन चीजों से संबंंधित पहले ही जानकारी दे देनी चाहिए। जिससे वह इसका सामना करने के लिए तैयार हो जाएं।
