एयर पॉल्यूशन इन दिनों कई बीमारियों का कारण बना हुआ है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए बीते दिन सोमवार को दिल्ली सरकार ने पटाखों पर 1 जनवरी तक भी बैन लगा दिया है। वहीं आपको बता दें कि एयर पॉल्यूशन पुरुषों की प्रजनन क्षमता को गंभीर तौर पर प्रभावित कर रहा है। हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर और जहरीली हवा आपका माता-पिता बनने का सपना भी तोड़ सकती है। वहीं हाल ही में आई स्टडी में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसके अनुसार, पॉल्यूशन से कपल्स की फर्टिलिटी बर्बाद हो रही है। एयर पॉल्यूशन के कारण मर्दों और वाहनों की आवाज से महिलाओं में फर्टिलिटी गिर रही है। इस स्टडी ने सबकी टेंशन बढ़ा दी है। डेनमार्क में हुई स्टडी ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में पब्लिश हुई है। इसके मुताबिक यदि समय पर अलर्ट नहीं हुआ गया तो यह समस्या गंभीर रुप भी ले सकती है। तो चलिए आपको बताते हैं कि क्या कहती है स्टडी।

पॉल्यूशन से बर्बाद हो रही पुरुषों में फर्टिलिटी

स्टडी की मानें तो एयर पॉल्यूशन पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। हवा में पाए जाने वाले पार्टिकुलेट मैटर और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) पुरुषों के स्पर्म क्वालिटी और स्पर्म काउंट को खराब कर सकते हैं। इस स्टडी में यह भी पता चला है कि प्रदूषण वाले हवा में रहने से स्पर्म मोबिलिटी भी प्रभावित हो रही है, इससे इसकी साइज और काउंट में काफी कमी हो रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रदूषित हवा में सांस लेने से पुरुषों की हार्मोनल सिस्टम भी बुरी तरह प्रभावित होता है, जिसका असर उनके स्पर्म पर पड़ रहा है। इससे पुरुषों में हार्मोनल इंबैलेंस और रिप्रोडक्टिव समस्याएं हो सकती हैं।

ध्वनि प्रदूषण से पड़ रहा महिलाओं की फर्टिलिटी पर असर

महिलाओं की फर्टिलिटी को शोर यानी नॉइस पॉल्यूशन घटा रहा है। सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों का शोर उनके मां बनने के सपनों को तोड़ सकता है। तेज ध्वनि प्रदूषण से महिलाओं की हार्मोनल सिस्टम प्रभावित हो सकता है। इसकी वजह से महिलाओं में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन का लेवल बढ़ सकता है, जो हार्मोनल असंतुलन और रिप्रोडक्टिव प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है।

शोर से महिलाओं को इन समस्याओं का भी खतरा

ध्वनि प्रदूषण से महिलाओं का पीरियड्स भी प्रभावित हो सकता है, इससे इररेगुलर पीरियड और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती हैं। हाई लेवल नॉइज पॉल्यूशन में प्रेगनेंसी में कठिनाई आ सकती है। इससे प्रेगनेंसी के दौरान तनाव और चिंता काफी ज्यादा बढ़ सकती है।

रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर बुरा असर

इस स्टडी के अनुसार, पॉल्यूशन रिप्रोडक्टिव हेल्थ को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। एयर और नॉइस पॉल्यूशन दोनों ही रिप्रोडक्टिव सेहत के लिए बेहद खतरनाक है इसलिए हर युवा को पॉल्यूशन से खुद को बचाने की सलाह दी गई है।

By tnm

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