चीनी डायबिटीज के मरीजों के लिए कितनी खतरनाक है यह तो सब जानते ही हैं, लेकिन सिर्फ डायबिटीज मरीजों के लिए ही नहीं चीनी का ज्यादा सेवन किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा हेल्दी नहीं होता। गुड़ और शहद चीनी के हेल्दी ऑप्शन हो सकते हैं लेकिन डायबिटीज के रोगियों के लिए इसका सेवन कितना सही रहेगा इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लेनी चाहिए। गुड़ और शहद को डायबिटीज के लिए बहुत ही सुरक्षित माना जाता है क्योंकि ये प्राकृतिक शुगर होती है। खाद्य पदार्थ का हर प्राकृतिक रूप फिर चाहे गुड़ हो या शहद सभी हेल्दी ही होता है।
दुनिया भर में हुई हैं कई सारी रिसर्च
अध्ययनों में यह पाया गया है कि शहद खाने से शरीर को कार्डियोमेटाबोलिक फायदा मिल सकता है जिसका मतलब है कि यह दिल की सेहत को भी अच्छा बनाता है और मधुमेह जैसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। शुद्ध और कच्चा शहद रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर सकता है। रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने यह देखा कि शहद में पाए जानी वाली रेयर स्वीटनर जैसे आइसोमाल्टुलोज, कोजिबायोज, ट्रेहलोज, मेलेजिटोज ग्लूकोज रिसपॉन्स में सुधार करते हैं।

क्या होता है कच्चा शहद?
कच्चे शहद का मतलब होता है कि बिना किसी प्रॉसेसिंग वाला शुद्ध शहद। कच्चे शहद को बोतल में बंद करने से पहले केवल छाना जाता है जिसका मतलब है कि इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद ज्यादातर फायदेमंद पोषक तत्व और एंटीऑक्सिडेंट्स बरकरार ही रहते हैं। इसके विपरीत सामान्य शहद को कई तरह की प्रोसेसिंग से गुजरना पड़ता है जिससे उससे कई पोषक तत्व निकल जाते हैं। कच्चा शहद सीधे छत्ते से आता है और फिल्टर या अनफिल्टर्ड दोनों रूपों में उपलब्ध होता है। रेगुलर शहद में एक्स्ट्रा चीनी भी हो सकती है।
नैचुरल और एडेड शुगर का शरीर पर असर
एडेड शर्करा की तुलना में प्राकृतिक शर्करा की बढ़ती मांग के कारण यह सवाल आता है कि क्या वाकई में प्राकृतिक चीनी यानी शहद और गुड़ का शरीर की प्रॉसेसिंग (शरीर द्वारा किसी भी खाद्य पदार्थ का उपयोग) पर कोई असर पड़ता है। हार्वर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमारे शरीर में नैचुरल और एडेड चीनी का प्रॉसेस एक ही तरह से होता है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए फलों जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद प्राकृतिक चीनी का शरीर पर नेगेटिव प्रभाव नहीं देखा गया क्योंकि इसमें चीनी की मात्रा मामूली होती है।साथ ही इसमें फाइबर और कई हेल्दी पोषक तत्व होते हैं। वहीं, हमारे शरीर को एडेड शुगर खाने की जरूरत नहीं होती है और इससे कोई फायदा नहीं होता है।

गुड़ रासायनिक रूप से जटिल है
गुड़ चीनी की तुलना में रासायनिक तौर पर अधिक जटिल है और इसमें सुक्रोज की लंबी श्रृंखलाएं होती हैं। सामान्य चीनी की जगह इसका इस्तेमाल करना थोड़ा सेफ हो सकता है। गुड़ पारंपरिक स्वीटनर है जिसका कई एशियाई और अफ्रीकी देशों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, ऐसा इसलिए है क्योंकि यह स्वीटनर प्रॉसेस्ड होता है और इसलिए इसमें चीनी की तुलना में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं, गुड़ ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और रक्तचाप को भी नियंत्रित करता है।
प्रीडायबिटीज को कैसे रिवर्स करें
डायबिटीज को हम रिवर्स नहीं कर सकते लेकिन प्रीडायबिटीज को कर सकते हैं। हम अपनी डाइट, फिटनेस और अन्य लाइफस्टाइल की आदतों पर ध्यान देकर ऐसा कर सकते हैं। ऐसे में प्रॉसेस्ड चीनी को ऐसे स्वीटनर से रिप्लेस करना थोड़ा स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है जिसमें ज्यादा विटामिन और खनिज होते हैं लेकिन इस स्थिति में वास्तव में अपने आहार में गुड़ को शामिल करना सही नहीं है क्योंकि यह हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स में गिना जाता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स
ग्लाइसेमिक इंडेक्स या जीआई कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के लिए एक रेटिंग प्रणाली है। किसी खाद्य पदार्थ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि कोई भी खाद्य पदार्थ आपके रक्त शर्करा के स्तर को कैसे प्रभावित करेगा। जीआई को समझने का सरल तरीका यह है कि कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे और लगातार ग्लूकोज रिलीज करते हैं और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले तेजी से ग्लूकोज रिलीज करते हैं।
ये डायबिटिक के लिए झूठी उम्मीद है
इन दिनों रिफाइंड चीनी की तुलना में प्राकृतिक चीनी के ज्यादा सेवन पर बहुत ज्यादा जोर दिया जा रहा है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज रोगियों के लिए गुड़ चीनी का अच्छा ऑप्शन नहीं है। इसका कारण यह है कि गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है। गुड़ का सेवन करने पर डायबिटीज रोगी के शरीर में ब्लड शुगर उसी लेवल पर पहुंच जाता है जितना हम चीनी खाने से उम्मीद करते हैं, इसलिए गुड़ चीनी के समान ही है।
गुड़ किसको खाना चाहिए
गुड़ खाने का फायदा यह है कि यह आयरन और मैग्नीशियम का बढ़िया स्रोत होता है और इसलिए यह आपके हीमोग्लोबिन के लिए अच्छा है लेकिन केवल नॉन-डायबिटिक रोगियों के लिए ही गुड़ का सेवन अच्छा है। चीनी की जगह गुड़ खाने से डायबिटीज के रोगियों को चीनी से होने वाले नुकसान से बचाव का झूठा अहसास होता है।

