मंकीपॉक्स एक वायरल इंफेक्शन है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है। यह इंफेक्शन मुख्य तौर से जानवरों से लोगों में फैलता है और एक व्‍यक्‍त‍ि से दूसरे में भी फैल सकता है। मंकीपॉक्स के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 6-13 दिन बाद शुरू होते हैं, लेकिन यह अवधि 5 से 21 दिनों तक हो सकती है। मंकीपॉक्‍स होने पर बुखार, स‍िर दर्द, मांसपेश‍ियों में दर्द, थकान, ल‍िम्‍फ नोड्स में सूजन हो सकती है। मंकीपॉक्‍स एक जानलेवा वायरस है और इसके संक्रमण के कारण त्‍वचा में घाव, न‍िमोन‍िया, सेप्‍स‍िस, आंखों में इंफेक्शन आद‍ि समस्‍याएं हो सकती हैं। मंकीपॉक्‍स होने पर पूरी त्‍वचा में मीजल्‍स जैसे रैशेज हो भी जाते हैं, लेक‍िन ये रैश अन्‍य रैशेज जैसे नहीं होते। तो चलिए आपको बताते हैं कि सामान्‍य रैश और मंकीपॉक्‍स वाले रैश में अंतर और मंकीपॉक्‍स रैश की क्या व‍िशेषताएं हैं।

मंकीपॉक्‍स रैश और अन्‍य रैश में अंतर

मंकीपॉक्स के रैश अक्सर चेहरे, हाथ, पैर और जननांगों के आस-पास नजर आते हैं, लेकिन पूरे शरीर में भी हो सकते हैं। इनमें गांठों यानी की लिम्फ नोड्स में सूजन भी होती है। सामान्‍य रैश, शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं और इनमें कोई खास पैटर्न नहीं फॉर्म होता है।

सामान्‍य रैश में एलर्जी, दाद और खुजली महसूस होती है। सामान्‍य रैश के बदलने का कोई क्रम नहीं होता। वहीं मंकीपॉक्‍स होने पर शुरुआत में यह छोटे लाल धब्बे के रूप में दिखाई देते हैं, जो बाद में पानी से भरी फुंसियों में बदल जाते हैं। ये फुंसियां समय के साथ सूखकर पपड़ी बना लेती हैं और फिर गिर जाती हैं। रैश एक विशेष क्रम में विकसित होते हैं जैसे लाल धब्बे होना,फुंसियां होना, सूखना और पपड़ी बनना।

मंकीपॉक्स रैश 2 से 4 हफ्ते तक रह सकते हैं और धीरे-धीरे ठीक होते हैं, जबकि सामान्य रैश की अवधि और लक्षणों की गंभीरता, उसके कारण के आधार पर बहुत अलग हो सकती है।

मंकीपॉक्‍स रैश के साथ बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और लिम्फ नोड्स में सूजन जैसे लक्षण भी आमतौर पर दिखाई देते हैं। सामान्य रैश के साथ अक्सर खुजली, जलन की समस्‍या हो सकती है।

मंकीपॉक्स रैश 2-4 हफ्ते तक रह सकते हैं और धीरे-धीरे ठीक होते हैं, जबकि सामान्य रैश की अवधि और लक्षणों की गंभीरता उसके कारण के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

मंकीपॉक्‍स रैश की क्‍या पहचान होती है?

मंकीपॉक्स में रैश होने पर त्वचा पर लाल रंग के धब्बे नजर आते हैं, जो बाद में फुंसियों में बदल जाते हैं।

ये रैश शरीर के अलग-अलग हिस्सों में हो सकते हैं, लेकिन ज्‍यादातर रैश चेहरे, हाथों, पैरों और जननांगों के आस-पास नजर आते हैं।

इन फुंसियों में पानी भर जाता है और इनका आकार मटर के दाने जितना होता है। समय के साथ ये फुंसियां सूखकर पपड़ी बन जाती हैं और फिर गिर जाती हैं।

रैश के साथ बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, थकान और लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन भी हो सकती है।

मंकीपॉक्‍स के रैश 2 से 4 हफ्ते तक रह सकते हैं और धीरे-धीरे ठीक हो जाते हैं।

मंकीपॉक्‍स रैश होने पर क्‍या न करें

रैश को खरोंचने से रैश खुल सकते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है और ये दूसरों में फैल सकता है।

घर में रहकर आइसोलेशन में रहना चाह‍िए और संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, बिस्तर, तौलिया आदि को अलग रखें क्‍योंक‍ि मंकीपॉक्स रैश संक्रामक होते हैं और त्वचा के संपर्क में आने पर दूसरों में फैल सकते हैं।

गलत इलाज से रैश बिगड़ सकते हैं इसल‍िए केवल डॉक्टर के बताई दवाओं और क्रीम का ही इस्‍तेमाल करें।

By tnm

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