महिलाओं के लिए फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ वजाइनल हेल्थ पर ध्यान देना भी जरूरी है। वजाइनल हेल्थ से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज करना बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसे में वजाइना का पीएच असंतुलित होना भी बड़ा कारण हो सकता है। यदि वजाइना का पीएच लेवल बिगड़ता है, ताे इस स्थिति में वजाइना में सूखापन हाेने लगता है। इसके कारण वजाइना में बदबू, खुजली हाेने लगती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो वजाइना का पीएच लेवल 3.5 से लेकर 4.5 तक हाेना जरूरी है। इससे ज्यादा या कम होने पर इंफेक्शन का खतरा हो सकता है, लेकिन यदि आप कुछ चीजों का ध्यान रखते हैं तो आप वजाइना का पीएच संतुलित रख सकते हैं। तो चलिए आज आपको कुछ ऐसे टिप्स बताते हैं जिनके जरिए आप वजाइनल हेल्थ का ध्यान रख सकते हैं। आइए जानते हैं।
कॉटन का अंडरवेयर पहनें
कॉटन का अंडरवेयर पहनने से पेट से निचले हिस्से पर ज्यादा दवाब नहीं पड़ता। कॉटन अंडरवेयर पहनने से पसीना और गीलापन भी जल्दी सूख जाता है। इससे बैक्टीरिया पनपने का मौका नहीं मिलता और वजाइना का पीएच बैलेंस रहता है। कॉटन अंडरवेयर पहनने से जलन और खुजली होने का खतरा भी नहीं होता।

खुद को रखें हाइड्रेट
पीएच बैलेंस रखने कर लिए बॉडी का हाइड्रेट होना जरूरी है। यदि आप पर्याप्त पानी पीते हैं, तो इससे यूरिन के जरिये टॉक्सिन बॉडी से बाहर आते हैं। ऐसे में वजाइना का पीएच बैलेंस रहता है और इंफेक्शन का खतरा कम होता है। हाइड्रेट रहने से बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है।
टाइट कपड़े न पहनें
टाइट कपड़े पहनने से ब्लड सर्कुलेशन होने में रुकावट आती है। इसके कारण वजाइना में पसीना भी बढ़ जाता है जिससे इंफेक्शन हो सकता है। ऐसे में वजाइना का पीएच लेवल भी बिगड़ सकता है। इसलिए बहुत टाइट अंडरवेयर या पैंट्स न पहनें।

सेफ सेक्स पर ध्यान दें
वजाइना का पीएच बैलेंस रखने के लिए सेफ सेक्स प्रैक्टिस पर ध्यान दें। अनसेफ सेक्स करने से बीमारियों का खतरा ज्यादा हो सकता है। इससे बैक्टीरिया वजाइना में पनपने लगते हैं और पीएच लेवल भी बिगड़ सकता हैं, इसलिए सेफ सेक्स प्रैक्टिस पर ध्यान दें।
इन टिप्स को फॉलो करके आप वजाइना का पीएच का लेवल बैलेंस रख सकते हैं।
