महिलाओं के जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं इन्हीं में से एक है पीरियड्स। पीरियड्स कोई समस्या नहीं बल्कि महिलाओं में होने वाली एक आम ही प्रक्रिया है। इससे सभी महिलाओं और लड़कियों को गुजरना पड़ता है। आमतौर पर 13-14 साल की उम्र में ही लड़कियों को पीरियड्स शुरु हो जाते हैं जो कि 50 से 55 साल की उम्र तक की महिलाओं को होते हैं। पीरियड्स में हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं जिसके कारण कई बार गुस्सा और चिड़चिड़ापन भी होता है। यदि आप भी इससे परेशान हैं तो आज आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिनके जरिए आप पीरियड्स में अपना गुस्सा शांत कर सकते हैं।
योग और प्राणायाम का सहारा लें
वैसे तो योग और प्राणायाम सभी को ही करना चाहिए लेकिन यदि आपको पीरियड्स के दौरान गुस्सा आता है तो इससे राहत पाने के लिए योग और प्राणायाम जरुर करें। इसका अभ्यास करने से रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अच्छा असर होता है, दिमाग शांत होता है और गुस्सा नहीं आता।

स्ट्रेस से दूर रहें
पीरियड्स के दौरान शरीर में हार्मोन्स का स्तर असुंतलित हो जाता है ऐसे में कई बार स्ट्रेस बढ़ भी सकता है। वहीं यदि आप किसी बात को लेकर पहले से ही गुस्से में है तो ऐसे में आपको गुस्सा और भी ज्यादा आ सकता है। इसलिए अपने गुस्से को शांत करने के लिए तनाव और स्ट्रेस को कम करें।
पूरी नींद लें
कई बार पीरियड्स में नींद अच्छे से नहीं आती। ऐसे में नींद न पूरी होने के कारण भी गुस्सा ज्यादा आ सकता है। ऐसे में यदि आप 6-8 घंटे के बीच में नींद नहीं ले पा रहे हैं तो अपनी नींद को बढ़ाएं। अच्छी और पूरी नींद लेने से निश्चित तौर पर आपको पीरियड्स के दौरान गुस्सा आना कम होगा।

कैफीन और शराब से बनाएं दूरी
पीरियड्स के दौरान कैफीन और शराब पीने से परहेज ही करें। कुछ समय के लिए भले ही आपका मूड यह अच्छा कर दें लेकिन कैफीन और शराब पीने के कुछ समय बाद आपको गुस्सा आने के साथ-साथ चिड़चिड़ापन होने लगेगा। पीरियड्स के दौरान इन्हें पीने से एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्या हो सकती है जिसके कारण गुस्सा और भी ज्यादा आ सकता है।

