दुनिया भर में महिलाओं में स्ट्रोक के मामले लगातार ही बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिकी महिलाओं के लिए भी मौत का पांचवां प्रमुख कारण स्ट्रोक ही है। स्ट्रोक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब आपके मस्तिष्क के हिस्से में पर्याप्त रक्त प्रवाह नहीं हो पाता। आसान शब्दों में कहें तो स्ट्रोक उस समय होता है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह रुक जाता है या कोई रक्त वाहिका फट जाती है और मस्तिष्क में रक्त का रिसाव होने लगता है। यह एक ऐसी इमरजेंसी स्थिति होती है क्योंकि ऐसे में मस्तिष्क कोशिकाएं ऑक्सीजन की कमी के कारण मरने लगती हैं। बच्चों से लेकर व्यस्कों तक किसी भी व्यक्ति को स्ट्रोक हो सकता है परंतु कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दूसरों के मुकाबले में इसका खतरा ज्यादा होता है। हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, टाइप 2 डायबिटीज और ये लोग शामिल है जिनका स्ट्रोक, दिल का दौरा या एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी स्थितियों वालों को इसका खतरा ज्यादा होता है। हाल ही में फ्लोरिडा के डॉक्टर ने 3 ऐसे तरीके बताएं है जिनसे महिलाओं को स्ट्रोक होने का जोखिम को कम हो सकता है। आइए जानते हैं।
योग करें
एक्सपर्ट्स ने बताया कि योग, ताई ची और वेट ट्रेनिंग जैसी फिजिकल एक्टिविटीज करने के साथ-साथ ड्रीप ब्रीदिंग करने जैसी माइंडफुलनेस तकनीकों का महत्व देने से स्ट्रोक का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। रोजाना 30-60 मिनट तक हफ्ते में 3-5 दिन में ये एक्टिविटीज जरुर करें।
मेडिटेरियन डाइट अपनाएं
फ्लोरिडा के जैक्सनविले में ब्रूक्स रिहैबिलिटेशन में प्रैक्टिस करने वाला डॉ का कहना है कि मेडिटेरियन डाइट प्लांट बेस्ड डाइट है जो रेड मीट और शुगर का सेवन कम करते हुए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हैल्दी फैट पर फोकस करती है। 2018 यूके के एक स्टडी में पाया गया है कि जो महिलाएं मेडिटेरियन डाइट लेती थी, उनमें मेडिटेरियन डाइट न फॉलो करने वाली महिलाओं की अपेक्षा स्ट्रोक का जोखिम 22 प्रतिशत कम था।
वायु प्रदूषण से बचें
अगर कोई 5 दिन तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहता है तो उसे स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में वायु प्रदूषण से बचाव करें और अपने घर में भी एयर क्लिनर लगाएं। बाहर जाते हुए मास्क पहनें ताकि हवा में पाए जाने वाले कणों को आसानी से फिल्टर किया जा सके।
