आज के लाइफस्टाइल को देखते हुए क्रोनिक डिजीज एक महत्वपूर्ण ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इश्यू बन चूका है। वहीँ विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 2030 तक वैश्विक स्तर पर होने वाली मौतों में क्रोनिक लाइफस्टाइल डिजीज की वजह से 70 प्रतिशत जानें चली जायेंगी। वहीँ दुनिया भर में महिलाओं की अस्वस्थ जीवन शैली के कारण उन्हें कई अलग प्रकार की स्वास्थ्य चिंताओं का सामना करना पड़ता है।
महिलाएं नहीं देती अपनी सेहत पर ध्यान
एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादातर महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं देती हैं। वे अपनी हर हेल्थ से जुडी प्रॉब्लम को इग्नोर करती हैं। लेकिन अपने परिवार की देखभाल करने के लिए हमेशा आगे रहती हैं। यह स्थिति और भी जटिल हो जाती है जब वे कामकाजी महिलाएं होती हैं। वे घर और ऑफिस दोनों को संतुलित करने की कोशिश में लगी रहती हैं। घर और काम को संतुलित करना एक कठिन प्रक्रिया है। इसके लिए काफी स्किल की जरूरत होती है।
महिलाओं में जीवनशैली से जुड़ी कुछ प्रमुख बीमारियां
आपको बता दें हृदय रोग, स्ट्रोक, डायबिटीज, ओबेसिटी, मेटाबोलिक सिंड्रोम, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और कुछ प्रकार के कैंसर भी जीवनशैली से जुड़ी कुछ बीमारियां हैं। इसके कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं और यहां तक कि कुछ स्थिति में मृत्यु भी हो जाती है।
कैसे रहें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से दूर
आपको बता दें इसके लिए आप
वजन को मेन्टेन रखें
नियमित रूप से व्यायाम करें
स्वस्थ आहार खाएं
धूम्रपान का सेवन न करें
महिलाओं में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा किस वजह से बढ़ता
अनहेल्दी खाने की आदतें
हर समय तनाव में रहना
नींद न आना
शारीरिक गतिविधि की कमी
दरअसल तनाव और नींद की कमी से हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाती है, जिससे शरीर में सूजन आ जाता है। कोर्टिसोल हंगर और क्रेविंग्स को बढ़ाता है। इससे वजन बढ़ता है। इससे प्री-डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्मोन संबंधी समस्याएं और अंत में पीसीओएस हो सकता है।
वहीँ मेनोपॉज भी इसका एक कारण हो सकता है। हर एक महिला अपना एस्ट्रोजन एचडीएल (अच्छे) कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर और एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल कम करके जीवनशैली की बीमारियों, विशेष रूप से हृदय रोग से बचाव कर सकती है। मेनोपॉज के बाद पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कुल कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होता है। ट्राइग्लिसराइड लेवल एक महत्वपूर्ण कारक है।
इसके आलावा मोटापा, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे जोखिम वाले कारकों वाले पुरुषों की तुलना में मधुमेह महिलाओं में हृदय रोग के जोखिम को अधिक बढ़ाता है।
मेटाबोलिक सिंड्रोम
जिन महिलाओं में मेटाबॉलिक सिंड्रोम होता है, उन्हें मोटी कमर, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज इनटॉलरेंस, लो एचडीएल कोलेस्ट्रॉल और हाई ट्राइग्लिसराइड्स की समस्याएं हो सकती हैं। उनमें हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह होने की संभावना अधिक होती है।
