World Vitiligo Day: आपने बहुत से लोगों के शरीर में सफेद दाग देखें होंगे। लेकिन आपने कभी इसके बारे में जाने की कोशिश नहीं की होगी। दरअसल शरीर में सफ़ेद दाग होना कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। बल्कि इसका इलाज संभव है। अगर सही समय पर शुरू कर दिया जाये। बता दें इस सफ़ेद दाग की बीमारी को vitiligo कहा जाता है। इसी को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां भी फैली हुई हैं। ऐसे में आज world vitiligo day मनाया जा रहा है। वहीँ इस बारे में जालंधर के स्किन एक्सपर्ट डॉ. तरुणवीर सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर कई बातें शेयर की हैं। तो चलिए आपको इससे जुडी जानकारी देते हैं।
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आखिर क्या होती है vitiligo
डॉ. तरुणवीर ने बताया कि ये बिंरी एक ऑटो इम्यून प्रॉब्लम है। दरअसल शरीर में अचानक से सफेद दाग होने वाली इस समस्या को vitiligo कहा जाता है। शरीर में रंग बदलने वाली कोशिकाओं पर जब किसी प्रोटीन का विपरीत प्रभाव पड़ता है, तो यह बीमारी होने लगती है। त्वचा में रंग बदलने वाली कोशिकाएं होती हैं ,जिनको मिलानोसाइड कहते हैं। यह एक पिगमेंट बनाती है उसी से स्किन का कलर आता है। मिलानोसाइड जो कि पिगमेंट डिलीवर करते हैं यह खत्म हो जाते हैं या नहीं बनते तब सफेद दाग के चकत्ते बनने लगते हैं।
सही समय पर इलाज से है समाधान
डॉ. तरुणवीर ने बताया कि इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं होती। शुरुआती दौर में छोटे दाग होने पर इसको अच्छे स्किन डॉक्टर से परामर्श करके इसका इलाज संभव है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोगों को ये लगता है कि सफ़ेद चीज यानि की दूध दही खाने से ये समस्या होती है। जबकि ऐसा बिलकुल भी नहीं।
स्किन डॉक्टर की लें सलाह
डॉ. तरुणवीर ने कहा कि बहुत से लोग इसे छुआछूत की बीमारी भी कहते हैं। लेकिन बता दें ऐसा नहीं है। अगर किसी को ये बीमारी है तो उसके संपर्क में आने वाले दूसरे व्यक्ति को ये नहीं होती है। वहीँ उन्होंने ये भी बताया कि ये बीमारी किसी को भी हो सकती है। ऐसा नहीं है कि जिसका रंग काला है उसे ही ये बीमारी हो।
ऐसे में अगर किसी को अपने शरीर पर सफ़ेद दाग दीखते हैं तो इसे इग्नोर न करें। बल्कि अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट को दिखा लें।
