होली भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है और इसे लोग पूरी खुशी से मनाते हैं। होली के त्योहार को मनाने के लिए लोग अलग-अलग देशों से भी भारत आते हैं। पारंपरिक तौर की बता करे तो इस दिन हर्ब्स और बसंत के फूलों से बने रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। ये तो परा ही है कि होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन इसके दौरान खानपान में लापरवाही से सेहत बिगड़ सकती है। सारे लोग होली के मौके पर तला-भुना, मीठा और मसालेदार फूड्स का सेवन कर लेते हैं, ठीक भी है क्योंकि सभी को उत्साह होता है। लेकिन इससे पेट खराब, एसिडिटी, फूड प्वाइजनिंग और ब्लड शुगर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आजकल होली के रंगों की बात करें तो पहले की तरह पारंपरिक नहीं, बल्कि केमिकल्स से भरे होते हैं। जिस वजह से त्वचा पर खुरदरापन, इर्रिटेशन, खुजली, एक्जिमा और ड्राइनेस जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए अगर चाहते हैं कि आपके होली के त्योहार में कोई भंग न पड़े तो इन बातों का खास ख्याल रखें।
कुछ खास बातें
मॉइश्चराइजर लगाएं
होली खेलने वाले हैं तो खेलने से पहले चेहरे, हाथों और पैरों पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, क्योंकि होली का रंग आपकी त्वचा पर असर डालता है। इस दिन सूरज की रोशनी भी बहुत तीखी होती है, इसलिए उससे बचाव के लिए वाटरप्रूफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
आंखों और बालों का ध्यान
इस दिन बालों की भी बुरी हालत हो जाती है। होली के रंग आपके बालों को रूखे और बेजान बना देते हैं। इसलिए होली खेलने से पहले याद से अपने बालों पर तेल से मसाज करें। चाहें तो आप होली खेलते समय टोपी भी पहन सकते हैं। बालों का ध्यान रखने के साथ आंखों को भी रंगों से बचाने के लिए सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। अगर आंखों में रंग चला जाए तो तुरंत ठंडे पानी से आंखों को धो लें, नहीं तो आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।
खानपान
इस दिन खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है ताकि आपकी सेहत पर कोई बुरा असर न पड़े। डायटीशियन गरिमा गोयल बताती हैं कि होली पर गुजिया, पकौड़े, नमकीन, जलेबी और ठंडाई जैसी चीजों का ज्यादा सेवन किया जाता है, लेकिन इनके ज्यादा सेवन से एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन पैदा हो सकता है और हो सकता है कि फिर आपका त्योहार आपके लिए खराब हो जाए। ज्यादा मीठा या तला-भुना खाते हैं तो ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। इसलिए नियमित मात्रा में ही इन चीजों का सेवन करें।
केमिकल मुक्त रंग
हमारी त्वचा बहुत कोमल और सेंसिटिव होती है। आजकल के होली के रंगों में काफी मात्रा में लेड ऑक्साइड, मर्करी सल्फाइड, एलुमिनियम ब्रोमाइड, कॉपर सल्फेट जैसे रासायनिक तत्व होते हैं, जिससे त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जैसे ही होली खेलने जाएं तो ज्यादा से ज्यादा अंगों को कपड़ों से ढककर खेलें और केमिकल मुक्त रंगों का इस्तेमाल करें।
पानी पीते रहें
इस दिन काफी तरह के पकवान खाए जाते हैं, लेकिन पानी का सेवन बहुत कम किया जाता है और इस वजह से आपका शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। होली के दौरान मौसम में भी बदलाव रहता है और तापमान हल्का गर्म हो जाता है, फिर शरीर से पसीना आने की वजह से भी पानी निकल जाता है, इसलिए कोशिश करें कि होली के दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
