बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान सुर्खियों में बने रहते हैं। अब हाल ही में एक्टर द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो में गए थे। इस दौरान एक्टर ने अपनी बीमारी पर बात की। उन्होंने बताया कि वह परांठे नहीं खाते क्योंकि उन्हें दूध और ग्लूटेन से एलर्जी है। सैफ ने कहा कि उन्होंने एलर्जी टेस्ट करवाया था जिसके दौरान उन्हें इस बारे में पता चला। ग्लूटेन एलर्जी को गेहूं की एलर्जी भी कहते हैं। कुछ गंभीर मामलों में तो इसके कारण एनाफिलैक्सिस भी हो सकता है जो आपकी जिंदगी के लिए खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में आपको बताते हैं कि यह समस्या क्यों होती है और इसके कारण क्या है।
एलर्जी को कहते हैं सीलिएक रोग
इसके कारण पेट में दर्द, गैस, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी भी होती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी होती है। ग्लूटेन से होने वाली इस एलर्जी को मेडिकल टर्म में सीलिएक रोग कहते हैं।

आखिर क्या होता है सीलिएक रोग?
सीलिएक रोग ऑटोइम्यून स्थिति होती है जिसके कारण जब ग्लूटेन आंतों में पहुंचता है तो यह इम्यूनिटी के कारण बनने वाली एंटीबॉडी को नुकसान पहुंचाना शुरु कर देता है। यह एंटीबॉडी आपकी छोटी आंत की परत को डैमेज कर सकती है। ऐसे में जब आंतों की परत को नुकसान होगा तो खाने से मिलने वाले पोषक तत्वों का अवशोषण भी प्रभावित होगा इसके कारण आपके शरीर में पोषण की कमी भी हो सकती है। वैसे तो यह रोग उन्हें ही होता है जिन लोगों के परिवार में किसी को यह समस्या हो। सीलिएक रोग दुनियाभर में 100 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करता है। कुछ लोगों को तो पता ही नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है।
लक्षण
. बिना किसी कारण वजन कम होना
. पेट में सूजन
. गैस होना
. पेट में दर्द

. दस्त
. थकान
. कब्ज
. मतली और उल्टी
. सिरदर्द
. त्वचा पर एलर्जी
इलाज
इस बीमारी के कारण आपकी इम्यूनिटी पॉवर कमजोर होने लगती है और आप कई तरह की बीमारियों से घिर सकते हैं। यदि आप सामान्य लक्षणों पर ध्यान देकर डॉक्टर से संपर्क नहीं करेंगे तो समस्या बढ़ भी सकती है। ऐसे में अगर आपको कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर की सलाह जरुर लें। इसके अलावा डाइट में ग्लूटेन से भरपूर चीजें न खाएं। अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने वाले फूड्स का सेवन करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
