भारत के साथ-साथ दुनियाभर में आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। हर साल भारी संख्या में लोग सुसाइड कर लेते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो 15 से 19 साल के बच्चों की मौत का तीसरा बड़ा कारण आत्महत्या है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़े भी बहुत चौंकाने वाले हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में हर साल करीब 7.20 लाख लोग इसके कारण अपनी जान गंवा देते हैं। भारत में यह आंकड़ा 1.75 लाख तक का है। इसके अनुसार, ग्लोबल लेवल पर हर 40 सैकेंड में कोई न कोई आत्महत्या करता है। ऐसे में अब यहां सवाल यह आता है कि आखिर लोग सुसाइड क्यों करते हैं और इससे पहले उनकी हरकतें कैसी होती हैं।

90% मामलों में मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर है कारण

नेशनल लाइब्रेरी ऑप मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो आत्महत्या के करीबन 90% मामलों का कारण मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर या मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स है। एक्सपर्ट्स का भी यही मानना है कि अचानक से कोई भी मरने का मन नहीं बनाता उसके दिमाग में कुछ न कुछ ऐसा चल रहा होता है जिसके चलते वो ऐसा करने पर मजबूर होता है। ऐसे में यदि आप उस व्यक्ति के बिहैवियर पर ध्यान दें तो उन्हें ऐसे कदम उठाने से रोक सकते हैं।

युवाओं में ज्यादा बढ़ रहे आत्महत्या के मामले

एक स्टडी में 66 अलग-अलग अध्ययन शामिल किए गए। इसमें युवाओं के आत्महत्या के कारण और बदलते व्यवहार के बारे में पता लगाया गया। इसमें पता चला कि उनमें ऐसे मामलों में फोन ज्यादा इस्तेमाल करना, शरीर को अच्छे से पोषण न मिल पाना, सोने का खराब पैटर्न, किसी प्रॉब्लम्स से गुजरना, परिवार में बात न होना, पैरेंट्स की कोई पुरानी मेंटल कंडीशन या फिर सोशल लेवल पर प्रॉब्लम्स जिम्मेदार हो सकती हैं।

सुसाइड से पहले ऐसी हरकतें करते हैं इंसान

. अपने घरवालों और परिवार से अलग रहना

. रात में कम सोना या सुबह ज्यादा देर तक सोते रहना

. चिड़चिड़ापन होना

. भूख बहुत ज्यादा या फिर कम लगना

. किसी बात को ज्यादा सोचना

. यौन इच्छा में कमी होना

. बहुत ज्यादा निराश-हताश या लाचार रहना

. शर्म या फिर अपराध की भावना आना

. बार-बार अपनी बीमारी के बारे में बात करके परेशान होना

. खुद को दूसरों पर बोझ समझना

. पसंदीदा काम में भी दिल न लगना

. बार-बार आत्महत्या की बातें करते रहना

. बात करते-करते एकदम शांत हो जाना

. शराब या नशे की लत बढ़ जाना

. अपना ज्यादातर समय अकेले ही बिताना

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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