हमारे शरीर में यूँ तो हर अंग इम्पोर्टेन्ट है। लेकिन अगर हमारे शरीर में खून ही न हो तो क्या होगा। या फिर कितना खून हमारे शरीर के लिए जरुरी है। वहीँ खून की कमी होने से क्या-क्या बीमारियां होती हैं। कभी सोचा है इन सब बातों के बारे में, तो चलिए आज इसी के बारे में हमने जालंधर के piims अस्पताल के ब्लड ट्रांसफ्यूज़न ऑफिसर डॉ. कुलवंत कौर से बात की और जानी बहुत सी बातें
इंसान के शरीर में कितने खून की जरूरत होती है
डॉ. कुलवंत कौर का कहना है कि एक स्वस्थ इंसान के शरीर में लगभग 10.5 पिंट (Pint) ब्लड जरुर होना चाहिए। वहीँ अगर लीटर में बात करें तो करीब 5 लीटर के आसपास खून होना चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक एक स्वस्थ और वयस्क इंसान के शरीर में खून का अनुपात, उसके कुल वजन के मुकाबले करीब 8 फीसदी होना चाहिए। आसान भाषा में कहें तो यदि आपका वजन 60 किलो है तो आपके शरीर में खून की मात्रा इसका 8% होना जरुरी है। इसी तरह एक बच्चे के शरीर में उसके कुल वजन का 9 फ़ीसदी के आसपास खून होना चाहिए। एक नवजात के शरीर में उसके कुल वजन का 10 फीसदी के आसपास खून जरूरी है।
महिला-पुरुष की बॉडी में कितने खून की जरूरत
बता दें एक स्वस्थ पुरुष की बॉडी में 5-5.5 लीटर (करीब 12.2 पिंट) के आसपास खून होना चाहिए। जबकि एक स्वस्थ वयस्क महिला के शरीर में 4-4.5 लीटर (करीब 9 पिंट) खून होना जरूरी है।
शरीर हर दिन कितना खून बनाता है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इंसान के खून में रेड ब्लड सेल, व्हाइट ब्लड सेल, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसी 4 चीजें होती हैं। वहीँ हमारा शरीर हर सेकंड कम से कम 20 लाख रेड ब्लड सेल्स का प्रोडक्शन करता है। रेड ब्लड सेल हमारे शरीर के बोन मैरो के स्टेम सेल से बनते हैं। वहीँ एक स्वस्थ इंसान हर दिन 400 से 2000 मिलीलीटर के बीच खून प्रोड्यूस कर अपने जीवन काल में करीबन 34400 लीटर खून बनाता है।
ब्लड डोनेट कर सकते हैं
अमेरिकन रेड क्रॉस सोसाइटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक स्वस्थ आदमी एक बार में एक पिंट (474 मिलीलीटर या आधा लीटर) तक खून दान करने में सक्षम माना जाता है। आसान भाषा में कहें तो उसके शरीर में उपलब्ध कुल खून का 10% तक डोनेट हो सकता है।
हर महीने ब्लड डोनेट किया जा सकता है
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक स्वस्थ इंसान प्रत्येक 56 दिन या करीब दो महीने के अंतराल पर ब्लड डोनेट करने में सक्षम होता है। ब्लड डोनेशन के वक्त एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहा है तो उसे ब्लड डोनेशन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसे में उसकी बीमारी बढ़ने का खतरा रहता है। एक्सटर्नल और इंटरनल ब्लीडिंग जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
खून की कमी होने पर क्या समस्याएं होती हैं
बता दें शरीर में खून की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं, जिसमें सस्बे कॉमन एनीमिया है। शरीर में खून की कमी होने पर हमारी बॉडी खुद कई संकेत देने लगती है।
धुंधला दिखाई देना
नाखून सफेद होना
मुंह में बार-बार छाले निकलना
त्वचा का रंग सफेद पड़ना
अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होना
जानलेवा स्थिति कब बन जाती है
आपको बता दें यदि हमारे शरीर से ब्लड डोनेशन या किसी अन्य कारण से खून का छोटा हिस्सा कम हो जाए तो शरीर आसानी से इसको रिकवर कर लेने में सक्षम होता है। लेकिन यदि शरीर में उपलब्ध कुल खून का 15% से ज्यादा हिस्सा कम हो जाए तो जान जाने का खतरा रहता है। शॉक से लेकर आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
