कैंसर और डायबिटीज दोनों ऐसी बीमारियों हैं जिनसे कई लोग जूझ रहे हैं। खासतर पर टाइप-2 डायबिटीज कैंसर के जोखिम कारणों में से एक मानी जाती है। वहीं अब हाल ही में आई रिसर्च के नतीजे आपको थोड़े चौंका सकते हैं। इस रिसर्च में यह कहा गया है कि डायबिटीज के मरीजों को कुछ तरह के कैंसर होने का खतरा रहता है जैसे कि लिवर पैंक्रियाज, एंडोमेट्रियल, कोलोरेक्टल, ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर।
ये कारण जिम्मेदार
जीर्ण सूजन
डायबिटीज के कारण लगातार कम-ग्रेड सूजन की स्थिति पैदा होती है। इसके चलते भी कैंसर के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इंसुलिन का हाई लेवल
डायबिटीज रोगियों के शरीर में इंसुलिन का स्तर बहुत ज्यादा रहता है ऐसे में यह भी कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाने का काम करेगा।

अनहेल्दी डाइट और मोटापा
इसके अलावा मोटापा, अनहेल्दी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी न करना भी कैंसर और डायबिटीज का कारण बन सकती है।
इलाज
डायबिटीज से जूझ रहे कैंसर के मरीजों के लिए समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो डायबिटीज के कारण कैंसर के उपचार और रिकवरी में भी दिक्कत आएगी।
बढ़ेंगे साइड इफेक्ट्स
डायबिटीज रोगियों को कैंसर के इलाज के दौरान कई साइड इफेक्ट्स भी महसूस हो सकते हैं।
इंफेक्शन का रहेगा खतरा
हाई ग्लूकोज का लेवल आपकी इम्यूनिटी को खराब करेगा। इसके कारण भी आपको इंफेक्शन का खतरा रहेगा।

हाई ब्लड शुगर
शुगर का स्तर बढ़ने के कारण भी इलाज जैसे कि कीमोथैरेपी और विकिरण में समस्या आ सकती है।
घाव भरने में दिक्कत
डायबिटीज मरीजों का घाव भरने में दिक्कत होती है ऐसे में उन्हें चोटों से उबरने में भी समस्या होगी।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
