हाशिमोटो रोग एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। इसमें आपकी शरीर की इम्यूनिटी पॉवर स्वस्थ कोशिकाओं को प्रभावित करती हैं। इसके कारण थायरॉइड ग्रंथि भी प्रभावित होती है। इसमें इम्यून सिस्टम थायरॉइड ग्रंथि को नुकसान पहुंचाता है, जिसके कारण यह ग्रंथि कमजोर हो जाती है। थायरॉइड ग्लैंड गले के नीचे स्थित एक छोटे आकार का ग्लैंड होता है। यह शरीर के अलग-अलग कामों को नियंत्रित करता है, जैसे कि मेटाबोलिज्म, शरीर की एनर्जी, और शरीर की तापमान परिवर्तन आदि। हाशिमोटो रोग के कारण व्यक्ति को हाइपोथायरायडिज्म होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण व्यक्ति का वजन तेजी से बढ़ सकता है। इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि हाशिमोटो डिसऑर्डर वजन बढ़ने का कारण कैसे बनेगा और आप कैसे इसे कंट्रोल कर सकते हैं।

मेटाबॉलिज्म में आएगी कमी

शरीर के वजन के बढ़ने के पीछे थायरॉइड ग्रंथि की अहम भूमिका निभाता है। हाशिमोटो रोग में जब थायरॉइड ग्रंथि भी प्रभावित होती है, तो ऐसे में ग्रंथि थायरॉइड हार्मोन का कम प्रोडक्शन करती है। यह हार्मोनल मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करेंगे। जब हार्मोन की कमी होगी तो इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाएगा जिससे कैलोरी कम बर्न होगी, ऐसे में व्यक्ति को वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।

फ्लूइड रिटेंशन

हाशिमोटो डिजीज के दौरान शरीर एक्स्ट्रा सोडियम और पानी को रोककर रख देगा। ऐसे में यह वजन बढ़ने का का कारण बनेगा हालांकि यह बॉडी में फैट बढ़ने से अलग होता है। इसके कारण शरीर के अंगों में सूजन की समस्या भी हो सकती है।

लगातार बनी रहेगी थकान

हार्मोन का स्तर प्रभावित होने के कारण व्यक्ति को अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होती है। इससे व्यक्ति की फिजिकल एक्टिविट में कमी आएगी, जो वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण हो सकता है।

ऐसे करें वजन को कंट्रोल

. मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने पर आप डाइट में बदलाव करें। बैलेंस्ड डाइट जैसे साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल आदि को डाइट में शामिल करें। जंक फूड और शुगर आइटम वजन को बढ़ाएंगी।

. पूरी नींद लेने से हॉर्मोन का स्तर संतुलित होगा, जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। थायरॉइड ग्रंथि प्रभावित होने पर आप थायरॉयड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जैसे लेवोथायरॉक्सिन) ले सकते हैं। इसके लिए आप डॉक्टर से सलाह लें।

.बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए आप नियमित रूप से योग और एक्सरसाइज करें। इससे मेटाबॉलिज्म को बूस्ट होने में मदद मिलेंगे। इससे कैलोरी बर्न होगी और थायरॉइड ग्रंथि का प्रभाव कम होगा।

इस बात का भी रखें ध्यान

हाशिमोटो डिसऑर्डर वजन बढ़ने का एक प्रमुख कारण है, लेकिन इसे सही उपचार और संतुलित लाइफस्टाइल से नियंत्रित करें। यदि किसी को हाशिमोटो रोग हो तो उसे इसके लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

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