पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी की पीसीओएस महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल असंतुलन की समस्या है। इसके कारण महिलाओं का प्रजनन स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, खराब खानपान और एक्सरसाइज की कमी के कारण महिलाओं को इस समस्या से जूझना पड़ सकता है दरअसल, पीसीओएस होने के कारण महिलाओं के शरीर में एंड्रोजन हार्मोन में असंतुलन, अनियमित पीरियड्स, बिना कारण वजन बढ़ना और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य समस्याएं हो सकती है। पीसीओएस को मेनैज करना काफी मुश्किल होता है लेकिन, पीसीओएस को सही तरह से कम करने के लिए आपको अपने खानपान और लाइफस्टाइल में कई जरूरी बदलाव करने चाहिए। आइए इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि पीसीओएस कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं।
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7 घंटे की नींद जरुर ले
रोज कम से कम 7 घंटे की अच्छी नींद लें, क्योंकि बेहतर नींद तनाव को कम करने और हार्मोन्स को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कंट्रोल में करने और ओवरऑल हेल्थ को बढ़ावा देने के लिए रोज रात को 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
मून चार्ज्ड वॉटर पिएंं
चांद की रोशनी में रखा पानी पीने के कई फायदे होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, रातभर चांद की रोशनी में पानी रखने से चंद्रमा की पॉजिटिव एनर्जी से पानी चार्ज हो जाता है और यह शरीर के लिए एक बेहतर औषधि के तौर पर काम करता है, जो महिलाएं पीसीओएस से जूझ रही हैं उनके स्वास्थ्य के लिए यह काफी फायदेमंद होगा।

बैलेंस्ड डाइट
इंसुलिन के स्तर को प्रबंधित करने और सूजन को कम करने के लिए बैलेंस्ड डाइट को अपनी डाइट में शामिल करें। सब्जियों, फलों, लीन प्रोटीन, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स से भरपूर फूड्स का सेवन करें। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मीठे खाद्य पदार्थों को सीमित कर दें, क्योंकि ये इंसुलिन को बढ़ाएंगे और पीसीओएस के लक्षणों को ट्रिगर करेंगे।
शारीरिक गतिविधियां
रोजाना 30-40 मिनट तक ऐसे एक्सरसाइज करें, इसमें कार्डियोवैस्कुलर एक्टिविटीज को आप शामिल कर सकते हैं। तेज चलना, साइकिल चलाना, योग या वॉक करने जैसी एक्टिविटीज करने से इंसुलिन सेंसटिविटी में सुधार होगा, वजन कंट्रोल में रहेगा और तनाव के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी।
सीड साइकलिंग
पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को अपनी अच्छी हेल्थ के लिए सीड साइकलिंग जरूर करनी चाहिए। यह आपके पीरियड साइकिल को बेहतर रखने और हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करेंगी। फॉलिक्युलर चरण यानी पीरियड के पहले दिन से 14 वें दिन के बीच 1-2 चम्मच अलसी और कद्दू के बीज खाएं और ल्यूटियल चरण 15 से 28 दिनों तक सूरजमुखी और तिल के बीज खाएं।

पीसीओएस को कम करने के लिए आप बैलेंस्ड डाइट का सेवन, पूरी मात्रा में नींद, मून चार्ज्ड वॉटर और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें। इन चीजों को अपने लाइफस्टाइल में शामिल करने से PCOS के लक्षणों को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
