बॉलीवुड किंग शाहरुख खान ने अपने 59वें जन्मदिन पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने अपने फैंस को यह बताकर चौंका दिया कि उन्होंने स्मोकिंग छोड़ दी है। जी हां, शाहरुख ने एक बार कबूल किया था कि वह दिन में 100 सिगरेट पीते हैं। कई बार किंग खान को अपनी इस आदत की वजह से आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा। उन्हें लगा था कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद उन्हें सांस लेने में कम तकलीफ होगी, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अभी भी बदलाव के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा था कि मुझे इतनी सांस फूलने की समस्या नहीं होगी लेकिन अभी भी महसूस हो रही है इंशाअल्लाह, वो भी ठीक हो जाएगा।’ शाहरुख एक दिन में सौ-सौ सिगरेट पीते थे लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिन में सिर्फ एक सिगरेट पीने से आपकी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?आइए इस बात का जवाब इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं।

एक दिन में एक सिगरेट पीने के क्या हैं नुकसान?

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन कैंसर इंस्टीट्यूट ने इस बात को लेकर अध्ययन किया है कि दिन में सिर्फ एक सिगरेट पीने से सेहत पर क्या असर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने 141 अध्ययनों का आंकड़ा देखा और उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन में सिर्फ एक सिगरेट पीने वालों में दिल की बीमारी का खतरा काफी कम होगा लेकिन रिजल्ट देखकर उनके अपने होश उड़ गए।

दिल की बीमारी का खतरा

अध्ययन में पाया गया कि जो लोग सिगरेट नहीं पीते थे उनकी तुलना में स्मोकिंग करने वाले पुरुषों में एक दिन में सिर्फ एक सिगरेट पीने से भी दिल की बीमारी का खतरा 46% रहा, जबकि स्ट्रोक का खतरा 41% था। एक दिन में एक सिगरेट पीने वाली महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा 31% और स्ट्रोक का खतरा 34% था। ये आंकड़े काफी कुछ बताते हैं एक दिन में सिगरेट पीने की संख्या कम करने से सेहत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता और दिल की बीमारी के खतरे को कम करने में कोई खास मदद नहीं मिलती जैसा कि माना जाता है।

इम्यूनिटी होगी कमजोर और कैंसर का भी रिस्क

सिगरेट के रसायन आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं, इससे शरीर इंफेक्शन से लड़ने की पॉवर खो देता है। इसके अलावा सिगरेट के धुएं में मौजूद कार्सिनोजेन्स कैंसर का खतरे बढ़ाते हैं न सिर्फ फेफड़ों में बल्कि मुंह, गले, इसोफेगस और अन्य हिस्सों में भी इसके कारण कैंसर हो सकता है।

फेफड़ों को नुकसान

सिगरेट के धुएं में मौजूद खतरनाक विषाक्त पदार्थ और कार्सिनोजेन्स फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। भले ही इनका सेवन कम मात्रा में किया जाए। इससे लंबे समय में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, एम्फायसेमा और फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ेगा।

यह भी है कई नुकसान

स्मोकिंग से ब्लड फ्लो कम होगा और त्वचा तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचता, इससे समय से पहले झुर्रियां, बेजान त्वचा और उम्र बढ़ने के अन्य लक्षण दिखते हैं। निकोटीन अस्थायी रूप से मूड को बेहतर बनाएगा लेकिन लंबे समय में यह चिंता और मूड स्विंग्स को बढ़ाएगा। सिर्फ एक सिगरेट पीने से भी दिमाग पर असर पड़ता है और आपको इससे लत लगने की संभावना ज्यादा होती है।

ऐसे छोड़ें सिगरेट पीना

स्मोकिंग करने की आदत बहुत ज्यादा नशे की होती है, इसलिए इसे छोड़ना बिना किसी मदद के मुश्किल है इस मुश्किल रास्ते को थोड़ा आसान बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने कुछ सुझाव भी दिए हैं।

एक योजना बनाएं

स्मोकिंग के मानसिक और सामाजिक पहलुओं के कारण, आपकी इस आदत को पूरी तरह से छोड़ने के लिए एक योजना बनाना सही रहेगा। अपनी योजना बनाने के लिए अपने एक्सपर्ट्स, डॉक्टर और परिजनों की मदद लें।

अपने ट्रिगर्स को पहचानें

यह जानना जरूरी है कि आप किस वजह से सिगरेट पीते हैं जैसे कि किसी खास जगह, दिन का कोई खास समय, बोरियत महसूस होना या कुछ खास दोस्त भी हो सकते हैं। स्मोकिंग के ट्रिगर्स को अपनी जिंदगी से पूरी तरह हटाने की कोशिश करें। इससे बेहतर है कि आप उनके बदले नई आदतें बनाएं।

अपने डॉक्टर से बात करें

स्मोकिंग सिर्फ आदत नहीं है, बल्कि एक लत है। सिगरेट पीना शुरू करने के बाद शरीर जल्दी ही निकोटीन के लिए तरसने लगता है और सिगरेट छोड़ने के दौरान इस तलब से लड़ने में मदद की जरूरत होती है। इलाज की दवाईयां आपको सफलता प्राप्त करने और अपनी सेहत वापस पाने में मदद करेगी।

By tnm

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