अक्सर लोगों के बाल धोने के बाद भी चिपचिपे रहते हैं। ऐसा लगता है कि बाल धोने के बाद भी तेल लगा हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 16 से 30 साल की उम्र के बीच सिर से तेल निकलना सबसे अधिक होता है, जिससे स्कैल्प पर चिकनाई बनी रहती है। शॉवर के बाद भी ग्रीसी रूट्स, सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस के कारण भी हो सकती हैं। जिस वजह से लाल धब्बों के साथ खुजली, रूसी और ग्रीसी स्कैल्प की परेशानी हो जाती है।
इसके अलावा यदि हार्मोनल उतार-चढ़ाव है, तनाव या दवाओं का प्रयोग ज्यादा है तो इसके उत्पादन में वृद्धि हो जाती है। कुछ ग़लतियां भी हैं जिसकी वजह से शैम्पू के बाद भी बाल ऑयली और ग्रीसी नज़र आते हैं, चलिए जानते हैं।
गलत शैम्पू
जिन लोगों का स्कैल्प ग्रीसी होता है, उन्हें गहराई से सफ़ाई करने वाले शैम्पू की आवश्यकता होती है। गहराई से स्कैल्प साफ करने वाला शैम्पू, स्कैल्प पर जमी गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल को हटा देता है।
जरूरत से ज्यादा कंडीशनर का इस्तेमाल
जब शैम्पू के बाद जरूरत से ज्यादा कंडीशनर का इस्तेमाल किया जाता है तो उससे भी बाल ग्रीसी बन जाते हैं। कंडीशनिंग अगर अधिक की जाए तो क्यूटिकल्स कोट हो जाते हैं और प्रॉडक्ट बिल्ड-अप होता है, जिससे स्कैल्प ग्रीसी हो जाती है। पतले बालों के लिए लाइट कंडीशनर सही रहता है।
बालों की जड़ों में कंडीशनर लगाना
बालों की जड़ों में कंडीशनर न लगाएं, क्योंकि इसकी वजह से तेल रूट में अटक जाता है और आपके स्कैल्प को ग्रीसी बना देता है। मिड-लेंथ से लेकर सिरे तक कंडीशनर लगाना चाहिए।
Hot Shower
गर्म पानी भी ग्रीसनेस का एक कारण हो सकता है। गर्म पानी स्कैल्प को ओवर स्टिम्युलेट और डिहाइड्रेटेड बना देता है। इसलिए बालों को ग्रीसी होने से बचाने के लिए उन्हें गुनगुने या ठंडे पानी से धोना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
