ब्रेन स्ट्रोक एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है जिसके कारण हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसे दुनिया भर में होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण माना गया है। ब्रेन में रक्त का संचार करने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होने के कारण यह स्थिति होती है। ज्यादातर मामलों में बढ़ती उम्र में खासकर बुजुर्गों को ब्रेन स्ट्रोक का खतरा रहता है लेकिन बीते कुछ सालों में युवाओं में भी ब्रेन स्ट्रोक के मामले देखे गए हैं। अब सवाल यह आता है कि युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक के मामले इतनी तेजी से आखिर क्यों बढ़ रहे हैं? साथ ही, क्या ऐसे कुछ तरीके हैं जिनसे युवाओं में इसका खतरा कम किया जा सकता है?आइए जानते हैं इस बारे में।

आखिर क्या है ब्रेन स्ट्रोक?

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्रेन में ब्लड फ्लो होना रुक जाता है। ऐसे में ब्रेन तक ऑक्सीजन, न्यूट्रिएंट्स और ब्लड ब्रेन तक नहीं पहुंच पाता जो ब्रेन फंक्शन के लिए जरूरी है। ब्रेन में रक्त का संचार करने वाली धमनियों में ब्लॉकेज होने के कारण भी यह स्थिति होती है।

युवाओं में इस वजह से बढ़ रहा है ब्रेन स्ट्रोक

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा इन कारणों से बढ़ सकता है जैसे।

एक्सरसाइज न करना

बॉडी मूवमेंट न होने के कारण ब्रेन कमजोर होने लगता है। एक्सरसाइज अवॉइड करने बॉडी में फैट स्टोर होने लगता है। इसके कारण ब्लड फ्लो होने में परेशानी होती है जिससे स्ट्रोक का खतरा रहता है।

किसी बीमारी के चलते

युवाओं में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे थॉयराइड और ब्लड प्रेशर भी स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं। इन समस्याओं में बॉडी के ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ेगा। इस कारण ये समस्याएं भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी।

खराब खानपान की आदत

डाइट में जंक और प्रोसेस्ड फूड ज्यादा खाने से भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इनमें मौजूद प्रिजर्वेटिव्स बॉडी में टॉक्सिन्स को बढ़ाते हैं। इसके कारण हार्ट डिजीज और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हो सकता है।

जेनेटिक डिसऑर्डर

कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर खासकर हार्ट और ब्रेन से जुड़ी समस्याएं भी कम उम्र में स्ट्रोक होने का कारण बन सकते हैं। ऐसे में यदि घर में किसी को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है तो आगे आने वाली जनरेशन को भी बीमारियों का खतरा होगा।

स्मोकिंग

स्मोकिंग की आदत से भी युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। इसके कारण नसों में सिगरेट से निकलने वाले टॉक्सिन जमा हो जाते हैं। इसके कारण ब्रेन तक ब्लड और न्यूट्रिएंट्स का फ्लो भी रुक जाता है।

ऐसे कम करें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

यह खराब लाइफस्टाइल के कारण होने वाली समस्या है इसलिए इन बदलावों को अपनाकर आप इसका खतरा कम कर सकते हैं।

धूम्रपान से परहेज

धूम्रपान करने की आदत को छोड़ने या फिर कंट्रोल में रखने से काफी हद तक इसका रिस्क कम होगा।

वर्कआउट

डेली वर्कआउट करने से माइंड और बॉडी को रिलैक्स रखने में मदद मिलेगी। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कम होगा।

. यदि कोई लाइफस्टाइल डिजीज है तो उसे कंट्रोल करने से भी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कम होगा।

. कुछ महीने में प्रॉपर बॉडी और ब्रेन चेकअप करवाने से बढ़ते खतरे को कम किया जा सकेगा।

By tnm

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