बालों के झड़ने की समस्या से हर कोई परेशान है। चाहे हम लाइफस्टाइल पर नाम लगाए या खाने पीने पर। बदलते वक्त के साथ आज के समय में बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गई है। पहले ज्यादातर बालों के झड़ने की समसमया सिर्फ बुढ़ापे तक सीमित थी, लेकिन आजकल युवा भी इस समस्या से गुजर रहे हैं। बालों की समस्या को दूर करने के लिए महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन किसी किसी पर ही ये चीजें सूट करती हैं नहीं को बहुतों के पैसे बर्बाद हो जाते हैं।

हालांकि, प्राचीन आयुर्वेदिक नुस्खों से भी बालों के झड़ने की समस्या से निजात पाया जा सकता है। इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि खाने में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-सी है या नहीं। इसके अलावा आंवला, अखरोट और पालक का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए और भोजन के साथ दही, घी और शहद को भी जगह देना चाहिए।
जानें ये आयुर्वेदिक नुस्खा
आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो भृंगराज को जड़ी-बूटियों का राजा कहा जाता है। इसके तेल का प्रयोग करने से सिर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इस वजह से बाल झड़ने और डैंड्रफ जैसी समस्याओं से निजात मिल सकता है। अच्छी तरह इसके प्रयोग के लिए भृंगराज की एक मुट्ठी पत्तियों को तिल के तेल में डालकर उबाल लें। जब तेल आधा रह जाए तो ठंडा होने दें। ठंडा होने पर इसे छान लें और तेल को बालों में हल्के हाथ से कुछ देर तक मसाज करें और फिर बाद में बालों को धो लें।
तिल, बालों के लिए फायदेमंद
मजबूत बाल चाहते हैं तो तिल का भी उपयोग कर सकते हैं। हेयर फॉल की समस्या से ज्यादा जूझ रहे हैं तो तिल उसके लिए कारगर साबित हो सकता है। तिल के बीजों में आयरन और फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बालों की जड़ों के पोषण को प्रोत्साहित करते हैं और नए बालों को उगाने में मदद करते हैं। आपको बता दें कि तिल में एंटीऑक्सीडेंट और सेसमिन नाम का एक बायोएक्टिव कंपाउंड होता है, जो बालों को समय से पहले सफेद होने और पतले होने से बचाता है।
तिल का इस्तेमाल
काले तिल के बीज का पाउडर, आंवला चूर्ण, कच्चे नारियल पाउडर से एक खास चूर्ण तैयार कर आप बालों की समस्या से निजात पा सकते हैं। इसे बनाने के लिए तिल के बीज का पाउडर, आंवला चूर्ण और कच्चे नारियल पाउडर को एक साथ मिला लें। पीसने से पहले तिल के बीज को हल्का भूनना जरूरी है। बाद में हवा बंद कंटेनर में इनको स्टोर कर लें। जब ये तैयार हो जाए तो इसका एक चम्मच सुबह गाय के घी या गर्म पानी के साथ सेवन किया जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
