हर साल करवा चौथ औरतें बड़े उत्साह के साथ मनाती हैं। इस साल करवा चौथ 20 से 21 अक्तूबर के बीच पूरे देश में मनाया जाएगा। नॉर्थ इंडिया में ये त्योहार काफी मशहूर है। इस दिन उत्तर भारत की विवाहित महिलाएं श्रृंगार कर सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक बिना भोजन और पानी के बिना एक दिन का उपवास रखती हैं।
क्या गर्भवती महिलाएं रख सकती हैं व्रत
महिलाएं तो व्रत रख लेती हैं, लेकिन कुछ गर्भवती महिलाएं भी व्रत रखना पसंद करती हैं तो क्या इससे उनके अजन्मे बच्चे या मां पर कोई बुरा असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान करवा चौथ के व्रत की रस्मों को संशोधित करना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गर्भवती मां और उसके बच्चे को कोई खतरा न हो।
व्रत की तरीका बदलें
अगर आप इस अवस्था में व्रत रखती हैं तो गर्भावस्था से जुड़ी कुछ दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान भी अच्छे तरीके से व्रत रखना चाहती हैं तो व्रत रखने का तरीका बदलना पड़ेगा। जिन महिलाओं को गर्भावस्था में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि की समस्या है तो उन्हें उपवास नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये उन्हें केवल कुछ खाद्य समूहों और अनाज लेने तक सीमित रखता है। इसके अलावा उपवास के दौरान अगर आप सप्लीमेंट और दवाएं नहीं लेते तो हानिकारक हो सकता है।
इस तरह रखें अपनी डाइट
निर्जला उपवास का सोच रहे हैं तो उसे भूल जाएं उसकी जगह फलाहार उपवास करें। इसमें आप फल, दूध से बने उत्पाद, मेवे, बीज आदि शामिल हैं। पूरे दिन तरो ताजा रहने के लिए केले, अनार और पपीते का सेवन करें, जिससे आपको फाइबर मिलेगा।
नाश्ते में चिप्स से बचें और इसके बजाय फल और सब्ज़ियाँ खाएं। एक्सपर्ट्स के अनुसार सूखे मेवे और नट्स खाएं क्योंकि इनमें प्रोटीन और वसा भरपूर मात्रा में होता है। इस दौरान फलों का जूस, दूध और पानी पीते रहें। आवश्यक मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो आपको डिहाइड्रेशन, उल्टी जैसी गंभीर समस्याएं और गैस्ट्रिक समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इस समय उचित देखभाल करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
