हृदय रोगियों के लिए इंफेक्शन से बचाव एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है, क्योंकि उनका शरीर किसी भी संक्रमण से एक सामान्य व्यक्ति की तुलना में ज्यादा प्रभावित होता है। ऐसे में सही वैक्सीन लेने से वह इंफेक्शन से बच सकते हैं। कई वैक्सीन इंफेक्शन को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं खासकर उन लोगों के लिए जो हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि सही वैक्सीन लेने से हृदय रोगियों में कई तरह की शारीरिक समस्याओं को कम किया जा सकता है जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं 5 ऐसी वैक्सीन्स के बारे में जिन्हें लगाने से हार्ट के मरीज कई गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं। आइए जानते हैं।
हर्पीस जोस्टर वैक्सीन (Herpes Zoster Vaccine)
यह वैक्सीन शिंगल्स नाम की बीमारी से बचाने के लिए दी जाती है। शिंगल्स एक वायरल इंफेक्शन है जो शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है और हृदय रोगियों के लिए यह एक बड़ा जोखिम भी बन सकता है। 50 साल से ज्यादा उम्र के हृदय रोगियों को यह वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए इसकी डोज आमतौर पर एक ही बार दी जाती है।

हेपेटाइटिस ए वैक्सीन (Hepatitis A Vaccine)
हेपेटाइटिस-ए वायरस लिवर को प्रभावित करता है और यह दूषित पानी या भोजन से फैल सकता है। हेपेटाइटिस-ए से संक्रमित होने पर हृदय रोगियों में थकान, कमजोरी, और लिवर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जो उनकी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। हृदय रोगियों में हेपेटाइटिस-ए इंफेक्शन से बचने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी है। यह वैक्सीन आमतौर पर 2 डोज में दी जाती है, जिनमें छह महीने का अंतराल होता है।
न्यूमोकोकल वैक्सीन (Pneumococcal Vaccine)
यह वैक्सीन फेफड़ों और खून में बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए दी जाती है। यह वैक्सीन उन हृदय रोगियों के लिए खास महत्व रखती है जो निमोनिया के खतरे में रहते हैं। न्यूमोकोकल वैक्सीन को दो हिस्सों में दिया जाता है- PCV13 और PPSV23, इन दोनों वैक्सीन की डोज डॉक्टर की सलाह के अनुसार, 5 साल के अंतराल पर ही दी जाती है।

एमएमआर वैक्सीन (MMR Vaccine)
यह तीन मुख्य वायरल बीमारियों- मिजल्स (खसरा), मम्प्स (गलसुआ), और रूबेला (जर्मन खसरा) से बचाती है। ये तीनों वायरस हृदय रोगियों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। खासतौर पर खसरा और मम्प्स के संक्रमण से शरीर में सूजन और बुखार बढ़ सकता है जो हार्ट की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। एमएमआर वैक्सीन आमतौर पर बचपन में ही दी जाती है लेकिन यदि किसी वयस्क हृदय रोगी ने इसे नहीं लिया है तो डॉक्टर की सलाह पर इसे लेना चाहिए। वयस्कों के लिए 2 डोज की सलाह दी जाती है और दोनों डोज के बीच कम से कम 28 दिनों का अंतराल होता है।
फ्लू वैक्सीन (Flu Vaccine)
फ्लू वायरस से इंफेक्शन होने पर हृदय पर ज्यादा दबाव पड़ता है जिससे दिल का दौरा या अन्य हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। फ्लू वैक्सीन हृदय रोगियों के लिए हर साल लेना जरूरी है खासकर सर्दियों में जब फ्लू के मामलों में तेजी होती है। एक सामान्य डोज हर साल अक्टूबर-नवंबर में लगवाना फायदेमंद रहती है। वयस्कों को डॉक्टर की सलाह पर फ्लू या इंफ्लुएंजा वैक्सीन की हर साल सिर्फ 1 डोज ले लेनी चाहिए।

