घर का किचन जितना साफ-सुथरा और हाइजेनिक दिखता है, असल में उतना होता नहीं है। इस्तांबुल की जेलिज्म यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में यह बताया गया है कि 9% बीमारियां तो सिर्फ किचन में ही पैदा हो रहे बैक्टीरियां से हो रही हैं। आजकल इंटरनेट पर एक चर्चा खूब ज्यादा हो रही है कि किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला चॉपिंग या कटिंग बोर्ड (Cutting Board) इंफेक्शन का घर है। सब्जी, मीट काटने वाला चॉपिंग बोर्ड, टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदा है। इस बात में कितनी सच्चाई है, आइए जानते हैं।

क्या चॉपिंग बोर्ड टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदे हैं

कई डाइटिशियन्स का कहना है कि चॉपिंग बोर्ड में ई-कोली और साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, खासतौर पर तब जब वे कच्चे मांस और सब्जियों के संपर्क में आते हैं हालांकि टॉयलेट सीट से इसकी तुलना थोड़ी ज्यादा हो सकती है क्योंकि चॉपिंग बोर्ड खासकर लकड़ी वाले यदि ठीक से साफ न किए जाएं तो बैक्टीरिया पनपने के लिए हॉटस्पॉट हो सकते हैं। लकड़ी की छोटी-छोटी जगहों और दरारों में बैक्टीरिया घुसने और बढ़ने के चांसेस ज्यादा होते हैं, इसलिए इसकी साफ-सफाई सही तरह करनी चाहिए।

चॉपिंग बोर्ड पर कितने बैक्टीरिया

माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स का मानना है कि कटिंग बोर्ड में टॉयलेट सीट की तुलना में काफी ज्यादा गंदे बैक्टीरिया हो सकते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि चॉपिंग बोर्ड अक्सर कच्चे मांस के संपर्क में आते हैं और बैक्टीरिया बोर्ड की सतह में फंस सकते हैं।
हालांकि टॉयलेट सीट को नियमित साफ किया जाता है इसलिए उनमें बैक्टीरिया खत्म होते रहते हैं जबकि कटिंग बोर्ड की नियमित सफाई से भी बैक्टीरिया पूरी तरह नहीं हट सकते हैं जिससे वे ज्यादा खतरनाक माने जाते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स इस बात से सहमत नहीं है कि चॉपिंग बोर्ड में टॉयलेट सीट जितने बैक्टीरिया होते हैं लेकिन उनका कहना है कि इसमें बैक्टीरिया कम भी नहीं होते हैं।

चॉपिंग बोर्ड को ठीक से कैसे साफ करें

बैक्टीरिया इंफेक्शन को कम करने के लिए चॉपिंग बोर्ड की सही तरह से सफाई करना जरूरी है। इसे इस्तेमाल करने के तुरंत बाद गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए। कच्चे मांस काटने के लिए यदि इसका इस्तेमाल करते हैं तो साफ-सफाई सफेद सिरका या नींबू के रस से करना चाहिए। कभी-कभी इस बोर्ड को ब्लीच से साफ कर सकते हैं। इसके बाद सूखने के लिए हवा और धूप में रखें। चॉपिंग बोर्ड हमेशा सूखी जगह रखनी चाहिए, क्योंकि नमी में बैक्टीरिया पनपते हैं।

By tnm

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