6 महीने के बाद शिशु के स्वस्थ शारीरिक विकास के लिए मां के दूध के साथ सॉलिड फूड दिया जाता है। सॉलिड फूड की शुरुआत करवाने के लिए बच्चों को फलों की प्यूरी, दाल का पानी, खिचड़ी और रस वाले फल भी दिए जाते हैं। बच्चों को दाल का पानी देते समय अक्सर न्यू पेरेंट्स के मन में एक ही सवाल आता है कि क्या ये बच्चे के लिए पर्याप्त आहार है। इस सवाल का जवाब जाने बगैर ही पेरेंट्स बच्चों को दाल का पानी के बजाय उबली की हुई दाल को मैश करके देने लगते हैं। बच्चों को मैश्ड दाल देते समय एक बार फिर पेरेंट्स के दिमाग में यह सवाल घूमता है कि दाल का पानी और मैश्ड दाल में से कौन सी चीज बच्चे के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होती है। इन दिनों यदि आप भी इस सवाल से जूझ रही हैं, तो चलिए आज इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं इसका जवाब।

मैश्ड दाल vs दाल का पीना

एक्सपर्ट्स के अनुसार, 6 महीने के बाद शिशु को जब मां के दूध के साथ सॉलिड फूड दिया जाता है तो उसे शुरुआत में दाल का पानी देना चाहिए लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है बच्चे को मैश की हुई दाल देना ज्यादा फायदेमंद होता है। दरअसल दाल के पीने में दाल जितनी मात्रा में पोषक तत्व नहीं पाए जाते हैं। इस पानी में बहुत की कम मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है वहीं, जब बात मैश हुई दाल की आती है तो इसमें हाई प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन बी1 और बी3, पोटैशियम, आयरन, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह पोषक तत्व बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। डॉक्टर का कहना है कि 6 महीने के बाद शिशु को दाल का पानी देना चाहिए लेकिन 7 से 8 महीने के बाद बच्चों के विकास के लिए उबली हुई मैश की हुई दाल ज्यादा फायदेमंद होती है।

बच्चों को दाल खिलाने के फायदे

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो 7 महीने की उम्र के बाद बच्चे थोड़ा मुंह चलाना सीख जाते हैं। बच्चों को दाल खिलाने से सेहत को कई तरह के फायदे मिलते हैं।

हड्डियों का होगा विकास

बढ़ते बच्चों की हड्डियों के विकास के लिए भी दाल बहुत फायदेमंद होती है। दाल में कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है, जो बढ़ती हड्डियों को मजबूती देता है।

इम्यूनिटी बढ़ेगी मजबूत

दाल के पोषक तत्व बच्चों की इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाकर बीमारियों और इंफेक्शन का खतरा कम होगा।

बच्चों को नहीं होगा एनीमिया

इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है। रोजाना बच्चों को दाल खिलाने से आयरन की कमी दूर होती है। जानकारी के लिए बता दें कि बच्चों में आयरन की कमी होने से एनीमिया नाम की बीमारी हो सकती है।

पेट की परेशानियां होंगी दूर

छोटे बच्चों को अक्सर पेट में दर्द, कब्ज और डायरिया की समस्या होती है। इस समस्या से राहत दिलाने में भी दाल बहुत फायदेमंद होती है। दाल में फाइबर होता है जो बच्चों के मल को मुलायम बनाकर पेट की परेशानियों से राहत दिलवाता है।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *