क्या आपका टूथब्रश टॉयलेट के कीटाणुओं से भरा हुआ है? यह सवाल आपके दिमाग में आ सकता है, लेकिन जब आप जानेंगे कि हर बार फ्लश करने पर टॉयलेट से निकलने वाले बैक्टीरिया आपके टूथब्रश तक पहुंच सकते हैं, तो आप भी हैरान रह जाएंगे। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाथरूम में टूथब्रश रखना आपको और आपके स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल सकता है। जानिए क्यों और किस तरह से आप अपने टूथब्रश को सुरक्षित और बैक्टीरिया से मुक्त रख सकते हैं।
टॉयलेट के बैक्टीरिया का खतरा
क्या आप जानते हैं कि जब भी आप टॉयलेट फ्लश करते हैं, तो टॉयलेट बाउल से निकलने वाले सूक्ष्म कण हवा में फैल जाते हैं और आसपास की सतहों पर गिरते हैं? इनमें आपके टूथब्रश भी शामिल हैं। रिसर्च से पता चला है कि इन सूक्ष्म कणों में ई. कोली, स्ट्रेप्टोकोकस और मोल्ड जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो सीधे आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इससे यह साबित होता है कि आपके टूथब्रश पर सिर्फ खाने के बाद के बचे हुए अंश ही नहीं, बल्कि टॉयलेट के खतरनाक बैक्टीरिया भी हो सकते हैं।
टूथब्रश को साफ रखने के आसान उपाय
हफ्ते में एक बार साफ करें
अपने टूथब्रश को हफ्ते में कम से कम एक बार साफ करें। इसके लिए आप एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश या हाइड्रोजन पेरोक्साइड में ब्रश के ब्रिसल्स को 10 मिनट तक भिगो सकते हैं। इससे ब्रश पर मौजूद बैक्टीरिया मर जाते हैं और ब्रिसल्स साफ रहते हैं।
ब्रश बदलें हर 3 महीने में
टूथब्रश के ब्रिसल्स समय के साथ घिस जाते हैं, और इससे कीटाणु फंस सकते हैं, जिससे ब्रश ठीक से सफाई नहीं कर पाता। इसलिए हर तीन महीने में अपने टूथब्रश को बदलें, ताकि स्वच्छता बनी रहे और अच्छे परिणाम मिलें।
टॉयलेट से 6 फीट की दूरी पर रखें
अपने टूथब्रश को हमेशा टॉयलेट से कम से कम 6 फीट की दूरी पर रखें। इस दूरी से फ्लश स्प्रे के संपर्क में आने का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए आप अपने ब्रश को टॉयलेट के पास किसी खुले कैबिनेट या शेल्फ़ में रख सकते हैं।
एयरटाइट कवर से बचें
एयरटाइट कवर से ब्रश को ढकने से नमी फंसी रहती है, जो बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है। इसके बजाय, एक हवादार कैप का इस्तेमाल करें, जो ब्रिसल्स को सूखा रखने के साथ-साथ हवा के प्रवाह को भी अनुमति देता है। इससे आपके टूथब्रश पर बैक्टीरिया का निर्माण कम होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
