आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 5 मार्च से 15 मार्च तक पंजाब के होशियारपुर स्थित विपश्यना केंद्र में 10 दिनों के लिए विपश्यना साधना कर रहे हैं। यह पहला अवसर नहीं है, जब केजरीवाल विपश्यना में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले वह बेंगलुरु और मुंबई के केंद्रों में भी विपश्यना कर चुके हैं। विपश्यना मेडिटेशन, जो कारपोरेट सेक्टर में भी युवाओं के बीच लोकप्रिय है, मानसिक और शारीरिक शुद्धिकरण का एक प्रभावी तरीका माना जाता है। आइए जानें, क्या है विपश्यना और इसके लाभ।

क्या है विपश्यना

विपश्यना एक प्राचीन ध्यान विधि है, जिसे भगवान गौतम बुद्ध ने बताया था। यह ध्यान पद्धति भारत की सबसे पुरानी पद्धतियों में से एक है, जिसका अर्थ है “जैसा है उसे वैसा ही देखना और समझना”। इस ध्यान में व्यक्ति अपने श्वास पर ध्यान केंद्रित करता है और अपने विचारों और भावनाओं को बिना किसी प्रतिक्रिया के देखता और समझता है। यह अभ्यास मानसिक शांति, आत्मनिर्भरता, एकाग्रता और आंतरिक संतुलन की प्राप्ति में सहायक है।

विपश्यना का सिद्धांत

विपश्यना का मुख्य सिद्धांत आत्म-अवलोकन और आत्म-शुद्धि है। यह ध्यान विधि प्राणायाम और साक्षीभाव का मिश्रण मानी जाती है। इसमें पांच प्रमुख नियमों का पालन किया जाता है:

अहिंसा – किसी भी जीव को हानि न पहुँचाना।

असत्य न बोलना – सत्य का पालन करना।

चोरी न करना – ईमानदारी से जीवन जीना।

ब्रह्मचर्य का पालन – मानसिक और शारीरिक अनुशासन।

नशे से दूर रहना – शरीर और मन को शुद्ध रखना।

विपश्यना कैसे करें?

विपश्यना का अभ्यास सुबह और शाम एक-एक घंटे किया जा सकता है। यदि समय कम हो, तो 5-5 मिनट का ध्यान भी प्रभावी हो सकता है। विपश्यना को कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है – घर, ऑफिस, बस, या बाजार में। इसका अभ्यास करने के लिए किसी विशेष तामझाम की जरूरत नहीं होती। बस शांत वातावरण में बैठकर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और विचारों को बिना प्रतिक्रिया के देखें।

विपश्यना ध्यान का तरीका

शांत स्थान पर बैठें और अपनी सांसों पर ध्यान दें।

सांसों को महसूस करें – यह कैसे नाक से अंदर जा रही है और बाहर निकल रही है।

विचारों का अवलोकन करें – मन में कौन से विचार आ रहे हैं, और कैसे जा रहे हैं।

भावनाओं को देखें, लेकिन उन पर प्रतिक्रिया न दें – जैसे क्रोध, खुशी या दुख आए, तो बस उनका निरीक्षण करें।

लगातार अभ्यास करें – शुरुआत में यह कठिन हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आसान हो जाता है।

भारत में विपश्यना केंद्र कहां हैं?

भारत में विपश्यना के 112 आधिकारिक केंद्र और 15 अनौपचारिक केंद्र हैं। ये केंद्र विभिन्न राज्यों में फैले हुए हैं, जैसे महाराष्ट्र में 35, बिहार में 5, छत्तीसगढ़ में 4, गुजरात में 9, कर्नाटक में 4, उत्तर प्रदेश में 6, तेलंगाना में 12, आदि। इन केंद्रों का संचालन विपश्यना के प्रख्यात शिक्षक एस.एन. गोयनका की संस्था करती है, जिन्होंने म्यांमार से विपश्यना को भारत में पुनः प्रचलित किया। इन केंद्रों में 10 दिनों का नि:शुल्क कोर्स कराया जाता है, जिसमें ध्यान और आत्म-निर्भरता की तकनीक सिखाई जाती है।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।

By tnm

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