बिजी लाइफस्टाइल के कारण आजकल पेरेंट्स के पास अपने बच्चों के लिए समय नहीं है। ऐसे में वह भी अपने बच्चों को बहलान-फुसलाने के लिए फोन दे देते हैं। पेरेंट्स अपना समय बचाने के लिए इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स की मदद लेते हैं। वहीं बच्चे भी मोबाइल देखते हुए फटाफट खाना खा लेते हैं। यह उनके मन बहलाने की जरुरत बन गया है। बच्चों को फोन देकर पेरेंट्स भी बेफिक्र हो जाते हैं कि बच्चा खाना तो खा ही रहा है लेकिन आप शायद यह न जानते हों कि यह आदत आपके बच्चे के लिए कितनी खतरनाक है।
टीवी-मोबाइल देखते हुए न खिलाएं बच्चों को
इनवायरमेंटल जर्नल ऑफ हेल्थ नाम की मैगजीन में अब हाल ही में बच्चों की खाने की आदत पर रिसर्च की गई। इस रिसर्च में दुनिया की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज ने एक साथ मिलकर रिसर्च की है। इसमें उन्होंने पाया कि टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना खाते हैं वो आगे जाकर भी खाना खाने में कई तरह के नखरे दिखाते हैं। ऐसे बच्चे छोटी-छोटी बात पर गुस्सा करने लगते हैं। इनमें से 10 साल के बच्चों में मोटापे का खतरा भी काफी हद तक बढ़ गया है और वे ओबेसिटी का शिकार हो जाते हैं और कई बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।

WHO ने भी किया था अलर्ट
आपको बता दें कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी हाल ही में एक रिपोर्ट जारी कर बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए कहा था। इस रिपोर्ट में उन्होंने 5 साल से कम उम्र के बच्चों का स्क्रीन टाइम भी तय किया था। उन्होंने कहा था कि ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ऐसे में उन्होंने बच्चों को मोबाइल, टीवी और बाकी इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स से दूर रहने के लिए कहा था।
टीवी देखकर खाने से बच्चों को होंगे ये नुकसान
. यदि बच्चे टीवी देखते हुए खाना खाएंगे तो उनका सारा फोकस टीवी पर होगा। इसके कारण वह ओवरईटिंग कर सकते हैं।
. टीवी-मोबाइल देखते हुए अगर बच्चे लंच या डिनर करते हैं तो वह मोटापे का शिकार हो सकते हैं।

. इससे बच्चों को तनाव और चिंता बढ़ सकती है। खाना खाने के दौरान वह स्ट्रेस में रह सकते हैं।
. फोन या टीवी पर व्यस्त होने के कारण बच्चे बिना बोले खाना खाते हैं। इसके कारण उनके बोलने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।
. बच्चे यह भी नहीं देखते कि उन्हें खाने में क्या मिला है उन्हें कुछ भी दिया जाए वह इस दौरान खा लेते हैं।
. वीडियो देखने और कम सुनने के कारण वह एक्सप्रेसिव से होने लगते हैं।
. बच्चों का मेटाबॉल्जिम स्लो हो जाता है और उनके शरीर में फैट जम सकता है।
. वह चीजों को याद भी नहीं रख पाते और चिड़चिड़े व गुस्सैल स्वभाव के होने लगते हैं।
. मोबाइल टीवी देखते हुए ज्यादातर बच्चे जंक फूड ही खाना चाहते हैं।
. इससे उनके शरीर में पोषण की कमी हो सकती है। उनके शरीर को जरुरी पोषक तत्व भी नहीं मिल पाएंगे।
. बच्चों के आंखों से पानी आने के कारण रोशनी कम हो सकती है। इसके अलावा उनकी आंखें ड्राई हो सकती हैं।
. बच्चे सामाजिक तौर पर कमजोर हो सकते हैं और उनके स्किल्स भी कम होने लगते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।
