कैलिफोर्निया में एच5एन1 के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। अभ हाल ही में सीडीसी ने एक नए केस की जानकारी दी है। यह मामला सैन फ्रांसिस्को के एक बच्चे में पाया गया है। आंकड़ों की मानें तो कैलिफोर्निया ही ऐसा देश है जो कि बर्ड फ्लू के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां पर इसके कुल 38 मामले सामने आए हैं। डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन सेंटर (सीडीसी) ने कैलिफोर्निया में नए ह्यूमन केस की जानकारी दी है।
कैलिफोर्निया में सबसे ज्यादा मिले बर्ड फ्लू के मामले
एच5एन1 के कुल मामलों की संख्या अब पूरे देश में 67 हो चुकी है। सीडीसी की डेटा के अनुसार, कैलिफोर्निया ही एक ऐसा देश है जो बर्ड फ्लू के प्रकोप के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां पर इसके 38 मामले मिल चुके हैं। अब इस फ्लू की पहचान सैन फ्रांसिस्को के बच्चे में हुई है। इस बच्चे को बुखार और कंजक्टिवाइटिस हुआ था लेकिन उस बच्चे को अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया गया हालांकि अब वह ठीक है।

इस वजह से होती है इंफेक्शन
रिपोर्ट में ज्यादातर केस ऐसे ही सामने आए हैं जिनमें इंफेक्शन, बीमार डेयरी गायों और मुर्गी पालन के कारण हुआ है। वहीं इस फ्लू के अभी तक दो मामले सामने आ चुके हैं। यह दोनों मामले बच्चों में ही पाए गए हैं। ऐसे में सीडीसी का कहना है कि आम जनता के लिए फ्लू का जोखिम कम है। ऐसे लोगों को जोखिम ज्यादा है जिन्होंने किसी बीमार जानवर को रखा है, खेत में मजदूरी करते हैं, पक्षियों के झुंड के मालिक हैं।
जांच जरुर करवाएं
सीडीसी ने देशभर की लेब्रोटरियों से कहा है कि वे किसी को भी भर्ती करने के 24 घंटे के अंदर यह निर्धारित करें कि फ्लू से पीड़ित लोगों को मौसम इंफ्लुएंजा है या फिर वह बर्ड फ्लू वायरस से जूझ रहे हैं। यदि कोई पक्षी या जानवर बर्ड फ्लू से संक्रमित हो चुका है तो उसके संपर्क में आने के कारण बाकी जानवरों और इंसानों को भी यह बीमारी हो सकती है। संक्रमित पक्षी अपनी लार, नाक के स्त्राव और मल के साथ भी यह वायरस फैला सकते हैं।
लक्षण
वहीं यदि इसके लक्षणों की बात करें तो वह कुछ इस प्रकार है जैसे।
. खांसी
. बुखार

. सिरदर्द
. मांसपेशियों में दर्द
. श्वसन संबंधी परेशानियां
. नाक का बहना
. गला खराब होना
इस तरह करें बचाव
. यदि किसी एरिया में व्यक्ति को यह वायरस हो गया है तो वहां न जाएं ।
. कच्चा मांस न खाएं।
. पक्षियों या पक्षियों के मल के आस-पास यदि आप जाते हैं तो अपने हाथों को साबुन के साथ धोएं।
. यदि कोई पक्षी या जानवर इससे संक्रमित हो गया है तो उसके संपर्क में न आएं।

. पोल्ट्री फॉर्म में काम करने वाले लोगों से दूरी बनाएं।
. पक्षियों या जानवरों के मल के आस-पास यदि आप जा रहे हैं तो आने के बाद अपने हाथ साबुन के साथ धोएं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
