पुराने समय से ही ऋषि और मुनि योग करने के लाभ लोगों को बताते आए हैं। योग करने से सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मन और दिमाग भी स्वस्थ रहता है। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी और बीमारियों से भी बचाव रहेगा। वहीं महिलाओं को पीरियड्स और अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। हार्मोन्ल बदलाव महिलाओं में आम समस्या है इसके कारण उन्हें स्किन से जुड़ी समस्याएं और स्ट्रेस भी हो सकता है। ऐसे में इन सभी समस्याओं से राहत पाने के लिए आप सुप्त बद्ध कोणासन कर सकती हैं। तो चलिए आज आपको इस आसन को करने के अन्य फायदे बताते हैं।

पेल्विक एरिया बनेगा मजबूत

इस आसन को करने से आपकी पेल्विक की मांसपेशियां खिंचेगी और मजबूत होंगी। इस करने से आपको प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान भी काफी आराम मिलेगा।

प्रेग्नेंसी की समस्याओं में मिलेगी राहत

प्रेग्नेंसी के दौरान यह आसन करने से यूट्रस खुलेगा और पेल्विक एरिया को स्ट्रांग बनने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा यह महिलाओं को प्रेग्नेंसी की समस्याओं से राहत दिलवाने के साथ-साथ डिलीवरी के लिए भी तैयार करेगा।

पाचन रहेगा स्वस्थ

यह आपके पाचन तंत्र को एक्टिव रखेगा और पेट की मांसपेशियों को भी आराम देगा। इससे करने से कब्ज, अपच और पेट संबंधी समस्याएं कम होगी।

पीठ दर्द और थकान होगी दूर

महिलाओं को पीठ दर्द और थकावट भी रहती है। ऐसे में यह आसन आपकी रीढ़ की हड्डी को आराम देगा और दर्द से भी राहत मिलेगी।

प्रजनन स्वास्थ्य रहेगा अच्छा

इसे करने से प्रजनन अंगों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और उनके काम करने के तरीके में भी सुधार होगा। यह महिलाओं के हार्मोन्स को भी संतुलित रखेगा और मेंस्ट्रुअल साइकिल भी रेगुलर होगी।

इस तरह करें आसन

. इसे करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।

. फिर दोनों पैरों को मोड़ लें और तलवों को आपस में मिलाएं। धीरे-धीरे घुटनों को बाहर की ओर फैलाएं।

. अपने हाथों को शरीर के दोनों ओर रखें। अपनी हथेलियों को ऊपर खुली रखें।

. गहरी सांस लें और अपनी सांसों को महसूस करें। इसके बाद शरीर को पूरी तरह से आराम दें।

. 5-10 मिनट तक इसी आसन में रहें। यदि आप पहली बार कर रहे हैं तो कम समय के लिए इसको करें और फिर धीरे-धीरे समय बढ़ा दें।

. अब घुटनों को धीरे-धीरे पास ले जाएं और अपने पैरों को सीधा कर लें।

महिलाओं के लिए यह योगासन बेहद फायदेमंद रहेगा। इसे करने से वो शारीरिक के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी मजबूत बनेगी। इसके नियमित अभ्यास करने से सिर्फ आपका प्रजनन स्वास्थ्य ही अच्छा नहीं होगा बल्कि स्ट्रेस भी दूर होगा। आप इसे अपनी डेली रुटीन में शामिल कर सकते हैं।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

By tnm

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