बिगड़ते हुए लाइफस्टाइल के कारण इन दिनों कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्हीं बीमारियों में से एक है डायबिटीज। यह बीमारी बड़ी उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जा रही है। वहीं एक्सपर्ट्स की मानें तो इसका कारण खराब आदतें और अनहेल्दी खान-पान है। यदि बच्चों की खराब आदतें शुरु में ही सुधार दी जाए तो वह आगे चलकर इस गंभीर बीमारी से बच सकते हैं। तो आइए आज इस आर्टिकल के जरिए आपको कुछ ऐसी बातें बताते हैं जो आपको बच्चों में समय लेते सुधार लेनी चाहिए।
मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स पीना
1996-1998 तक 9-14 साल तक के बच्चों की जांच करने वाली एक स्टडी में यह पाया गया है कि शुगर वाले ड्रिंक्स पीने से बीएमआई बढ़ता है। वहीं कई अध्ययनों में यह भी पता चला है कि मीठे ड्रिंक्स से मोटापा और डायबिटीज का खास संबंध है। ऐसे में एक्सपर्ट्स ने बच्चों को हाई कैलोरी वाले स्वीट ड्रिंक्स पीने से सावधानी बरतने के लिए कहा है।

न खिलाएं ऐसे फूड्स
कुछ पेरेंट्स ऐसे भी होते हैं जो अपने बच्चों का पेट भरा हुआ रखने के लिए उन्हें खाना ज्यादा देते हैं। उनकी इस आदत से बच्चे को हेल्दी फूड्स खाने की आदत नहीं लगती बल्कि वह ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स मांगता है और बार-बार स्नैकिंग करने लगता है। ऐसे में उनकी एनर्जी असंतुलन बढ़ेगा जिससे उनमें डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाएगा।
फास्ट फूड न दें
पबमेड सेंट्रल मे पब्लिश एक रिसर्च की मानें तो हाल के कुछ सालों में फास्ट फूड का चलन काफी बढ़ गया है। इसके कारण डायबिटीज और मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में कई पेरेंट्स होते हैं जो अपेने बच्चों को लाड प्यार में फास्ट फूड खाने के लिए दे देते हैं। बाद में यही उनकी आदत बन जाता है। फास्ट फूड्स में बहुत कैलोरी पाई जाती है और कोई पोषक तत्व भी नहीं होता। ऐसे में इसे खाने से वजन और डायबिटीज दोनों चीजें बढ़ जाएंगी।
फिजिकल एक्टिविटी न करना
डायबिटीज का सबसे मुख्य कारण है कोई फिजिकल एक्सरसाइज न करना। आजकल बच्चे खेलने की जगह अपना ज्यादा समय फोन, टीवी या लैपटॉप पर ही बिताते हैं इसके कारण भी उन्हें मोटापे का खतरा रहता है। कोई फिजिकल एक्सरसाइज न करना, जंक फूड, मिठाई, मीठे फूड्स और स्नैक्स खाने से भी डायबिटीज का खतरा रहता है।

डिब्बा बंद स्नैक्स
यदि बच्चों को पैरेंट्स खाने की जगह स्नैक्स दे देंगे तो भी वह इसका शिकार हो सकते हैं। स्नैक फूड जैसे चिप्स, बेक सामान और कैंडी प्रोडक्ट्स आदि। डिब्ब बंद फूड्स में बहुत ज्यादा कैलोरी और एक्स्ट्रा फैट पाया जाता है। इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाएगा।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
