बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान इन दिनों फिल्मों से कुछ समय के लिए दूर हैं। उनकी आखिरी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप हो गई थी, जिसके बाद आमिर खान ने खुद को कुछ वक्त के लिए मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री से दूर कर लिया था। हालांकि अब वह अपनी अगली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ से बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं, जो 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में आमिर के साथ अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा भी अहम भूमिका में नजर आएंगी।
लेकिन इस बीच, आमिर ने एक अहम खुलासा किया है कि वह इन दिनों मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में चिकित्सा थेरेपी ले रहे हैं। आमिर ने खुद इस बात को साझा किया है कि वह अपनी बेटी इरा खान के साथ लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए थेरेपी ले रहे हैं। इस खुलासे से यह साफ होता है कि आमिर खान ने न सिर्फ अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में बदलाव की दिशा में कदम उठाए हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को लेकर भी जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
इरा ने थेरेपी के लिए किया प्रेरित
आमिर खान ने इस बारे में एक नेटफ्लिक्स इंडिया के वीडियो में खुलकर बात की, जिसमें वह अपनी बेटी इरा खान और डॉ. विवेक मूर्ति के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए। इस चर्चा में आमिर ने थेरेपी के सकारात्मक अनुभवों पर जोर दिया और बताया कि इरा ने उन्हें मानसिक स्वास्थ्य को लेकर थेरेपी लेने के लिए प्रेरित किया। आमिर ने कहा, मुझे लगता है कि जिन्हें भी मानसिक शांति और समर्थन की आवश्यकता हो, उन्हें थेरेपी जरूर लेनी चाहिए। यह मेरे लिए बहुत सहायक साबित हुई है।
आमिर ने यह भी कहा कि उन्होंने और इरा ने अपने रिश्ते को बेहतर बनाने और कई वर्षों से चली आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए एक साथ थेरेपी सत्रों में भाग लेना शुरू किया। उनका मानना है कि व्यक्तिगत संबंधों को मजबूत करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए यह कदम जरूरी था।
थेरेपी के महत्व पर आमिर का दृष्टिकोण
आमिर खान ने इस वीडियो में यह भी बताया कि बहुत से लोग खुद को इंटेलिजेंट और सक्षम मानते हैं, और यह सोचते हैं कि वे अपनी समस्याओं को खुद हल कर सकते हैं। हालांकि, आमिर ने कहा कि लाइफ एक्सपीरियंस या बुद्धिमत्ता कभी भी एक प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह और मार्गदर्शन की जगह नहीं ले सकते। उनका मानना है कि डॉक्टर मानसिक स्थिति को समझने और जरूरी अंतर्दृष्टि देने में मदद करते हैं, जो व्यक्ति की मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होता है।
आमिर ने कहा, थेरेपी से मैंने अपने दिमाग को बेहतर तरीके से समझा। इसमें कोई शर्म की बात नहीं है, और यह किसी के मानसिक बीमारी से जुड़ा नहीं है। यह सिर्फ एक तरीका है अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखने का।
उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर लोग थेरेपी को मानसिक बीमारी से जोड़ते हैं, जबकि यह सही नहीं है। थेरेपी मानसिक स्थिति में सुधार और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपनी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकता है और उनसे निपटने के लिए सही दिशा प्राप्त कर सकता है।
आमिर खान का वर्कफ्रंट और आगामी फिल्म
वर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान अपनी अगली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ के साथ वापसी कर रहे हैं। यह फिल्म 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन स प्रसन्ना ने किया है, और इसमें आमिर खान के साथ एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म उम्मीदों से भरी हुई है, और फैंस को आमिर की वापसी का बेसब्री से इंतजार है।
आमिर ने अपने निजी जीवन में बदलाव और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को लेकर जो कदम उठाए हैं, वह यह दर्शाते हैं कि वह न केवल अपने काम, बल्कि अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में भी सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस खुलासे के जरिए आमिर ने यह साबित किया कि वह किसी भी चीज से डरते नहीं हैं और न ही अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को छुपाने की कोशिश करते हैं। उनका यह कदम अन्य लोगों को भी मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने और मदद लेने के लिए प्रेरित कर सकता है। आमिर का यह संदेश है कि हमें अपने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए, क्योंकि किसी भी समस्या को अकेले सुलझाने की बजाय, हमें सही मार्गदर्शन और सहारे की आवश्यकता होती है।
