बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन के कारण आपको पेट से जुड़ी समस्याओं और इंफेक्शन का जोखिम ज्यादा होता है। ज्यादातर मामलों में व्यक्ति दूषित पानी या भोजन से इस तरह के इंफेक्शन का शिकार हो जाता है। इसके अलावा, कुछ संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलकर भी आपको संक्रमित कर सकता हैं। ऐसे ही जियार्डिया का संक्रमण भी आपकी आंतों को प्रभावित करेगा। यह संक्रमण परजीवी के कारण होता है। इसे जियार्डियासिस (Giardiasis) भी कहते हैं। यह दुनिया भर में एक सामान्य पेट का इंफेक्शन है, जो खासकर बच्चों को होता है। जियार्डिया संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति को डायरिया, पेट दर्द और अन्य पाचन समस्याएं होती हैं। इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं कि जियार्डिया में क्या होता है, इसके लक्षण और इलाज क्या है।
जियार्डिया संक्रमण ऐसे फैलता है
जियार्डिया परजीवी संक्रमित पानी, भोजन, या संक्रमित जगहों को छूने से फैलता है। यह इंफेक्शन जिन कारणों से होता है उनको आगे बताया गया है।

गंदा खाना खाना
संक्रमित व्यक्ति या दूषित जल से बने भोजन को खाने से भी जियार्डिया इंफेक्शन हो सकता है। हाइजिन मेंटन न होने के कारण भोजन संक्रमित हो सकता है।
गंदा पानी पीना
जियार्डिया परजीवी अक्सर तालाबों, झीलों, और नदियों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों में मौजूद होता है। यदि ऐसा पानी पिया जाए या इसके संपर्क में आया जाए तो इंफेक्शन की संभावना और भी बढ़ जाती है।

संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से
जियार्डियासिस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने या उनके द्वारा इस्तेमाल की गई वस्तुओं का इस्तेमाल करने भी यह इंफेक्शन फैल सकता है।
लक्षण
. दस्त (Diarrhea)
. पेट दर्द और ऐंठन
. मतली और उल्टी
. थकान और कमजोरी

. वजन में कमी
. गैस और पेट फूलना।
जियार्डिया संक्रमण का इलाज
इस संक्रमण का इलाज एंटीपैरासिटिक दवाईयों के द्वारा किया जाता है। इसमें डॉक्टर मरीज को कई तरह की दवाएं देते हैं इसके अलावा, रोगी को 5-7 दिनों तक दवाईयां खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही मरीज को कुछ सावधानी बरतने के लिए भी कहा जाता है।
आराम और पोषण
संक्रमण से रिकवरी के दौरान पूरा आराम करें और पौष्टिक आहार लें। हल्का, आसानी से पचने वाला भोजन जैसे कि दलिया, चावल, और उबली हुई सब्जियां खाएं।
हाइड्रेट रहें
दस्त और उल्टी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है ऐसे में हाइड्रेशन बनाए रखना जरूरी है। ओआरएस (ORS) का सेवन करें या फिर इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति के लिए डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

हाइजीन का रखें ध्यान
इंफेक्शन को रोकने के लिए हाइजीन का ध्यान रखें जैसे कि हाथ धोना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और दूषित पानी से बचें।
इस बात का भी रखें ध्यान
यह एक सामान्य आंत का इंफेक्शन है, जो साफ पानी और भोजन का सेवन करने से काफी हद तक रोका जाएगा। बच्चों में यह इंफेक्शन ज्यादा सामान्य है, इसलिए पेरेंट्स को बच्चों की साफ-सफाई और खानपान का ध्यान रखना चाहिए। समय पर इसकी पहचान और सही इलाज से इस संक्रमण को आसानी से ठीक कर सकते हैं।
