इन दिनों कोई भी ऐसा इंसान नहीं होगा जिसे टिकटॉक, इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स के बारे में न पता हो। इन चीजें का क्रेज हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। अपना समय निकालने के लिए लोग इन छोटे-छोटे वीडियोज को देखते हैं, लेकिन बाद में इसकी लत लग जाती है। लत की वजह से मानसिक दिक्कत तो होती ही है साथ ही शारीरिक भी।
कोई भी रील 15 सेकेंड्स से लेकर 1 मिनट तक होती है, कुछ इससे ज्यादा की भी हो सकती है, लेकिन ये कुछ मिंटों की वीडियो हमारा काम खराब कर सकती हैं। अनजाने में हम इसके आदि बन जाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि एक स्टडी के मुताबिक पता चला है कि ये लत बचपन से जुड़ी हो सकती है, इस तरह की लत बचपन के बुरे अनुभव की ओर इशारा करती है।
बचपन की बुरी यादें
चीन की यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों का सर्वे किया गया जिसमें पता चला कि अगर किसी का बचपन बुरी यादों से भरा है तो उन्हें इन वीडियोज की लत लगने का खतरा ज्यादा रहता है। कोई भी बचपन की बुरी यादें जैसे मानसिक या शारीरिक शोषण, उपेक्षा, फैमिली प्रॉब्लम्स, किसी अपने के साथ हुई मारपीट जैसी घटनाएं शामिल हो सकती हैं और इन सबसे ध्यान भटकाने के लिए ये वीडियोज देखी जाती है जो बाद में लत बन जाती है।
इन छात्रों को नहीं थी शॉर्ट्स वीडियोज की लत
जो छात्र बचपन की दिक्कतों के बाद भी अपने जीवन से संतुष्ट हैं उन्हें शॉर्ट्स वीडियो की लत नहीं थी।एक्पसर्ट्स का कहना है कि जिन लोगों को लाइफ में संतुष्टि नहीं है, उनमें टिकटॉक और रील्स की लत ज्यादा देखने को मिली है। उन्हें महसूस होता है कि ये शॉर्ट-फॉर्म वीडियोज उन्हें समस्याओं से दूर करने में मदद करेंगी। ये कोई बताने की बात नहीं है सभी को पता है कि सोशल मीडिया की लत का मेंटल हेल्थ पर कितना गहरा असर पड़ रहा है। ये चीजें दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंच रही हैं।
सोशल मीडिया की लत से बचने के उपाय
अगर वीडियो, रील्स या सोशल मीडिया देखना है तो उसके लिए एक समय फिक्स करें। लत कम करने के लिए मोबाइस से सोशल मीडिया ऐप्स हटा दें, उन्हें छिपा दें या कम इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया की जगह कुछ और करें जैसे कि पढ़ना, लिखना, योग, कोई खेल या अपनी पसंदीदता चीजें कर सकते हैं। फैमिली और फ्रेंड्स के साथ समय बिताएं। समझें की सोशल मीडिया किस तरह आपको खराब कर रहा है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
