मुंह का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। इसमें बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स की जांच करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि बैक्टीरिया का विकास या संक्रमण वहां से शरीर के अन्य हिस्सों में तेज़ी से फैलता है। यहां जानें कि किस तरह आप अपने मुंह को बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स-फ्री कर सकते हैं।
जीभ साफ करना
ब्रश के दौरान तो आप जीभ साफ करते ही हैं साथ में खुरचने से भी जीभ को साफ करना चाहिए। इसकी मदद से सतह से बैक्टीरिया का निर्माण, खाद्य कण और मृत कोशिकाएं खत्म हो जाती हैं। खुचरना नहीं है तो एक लचीली नीम की टहनी को यू शेप में मोड़कर उपयोग कर सकते हैं।
मसूड़ों की मालिश
टी ट्री ऑयल में बहुत से गुण मौजूद हैं, जैसे कि ऐंटी-बैक्टीरियल, ऐंटी-फ़ंगल, ऐंटी-वायरल, ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स और ऐंटी-इंफ़्लेमेटरी। ये गुण कई तरह के ओरल प्रॉब्लम को कमकरते हैं। गम ब्लीडिंग से छुटकारा पाने के लिए नीम के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। किसी एक तेल की कुछ बूंदों को अपने फिंगर टिप पर डालें और दो से तीन मिनट तक मसूड़ों की मसाज करें और थोड़े समय के बाद ठंडे पानी से कुल्ला करके मुंह साफ़ कर लें।
Mouth Wash
आपको बता दें कि पुदीने के कीटाणुनाशक और जीवाणुरोधी गुण मुंह में बैक्टीरिया के विकास को रोकते हैं और वहीं लौंग और पार्स्ले सांसों से आनेवाली गंध से छुटकारा दिलवाता है। इस माउथवॉश को तैयार करने के लिए दो से तीन लौंग, एक मुट्ठी पुदीना और कुछ पार्स्ले के पत्ते चाहिए होंगे। इन्हें इकट्ठे पानी में उबालें और दिन में दो बार तो इससे कुल्ला करें।
Oil Pulling
इसमें आपको कुछ मिनटों के लिए मुंह में लगभग एक टेबलस्पून ऑर्गैनिक ऑयल घुमाना होगा। इसे करने से मुंह में मौजूद ख़राब बैक्टीरिया और दांतों से दाग़-धब्बों को हटाने में मदद मिलती है। इससे सिर्फ मुंह ही नहीं पूरा शरीर डिटॉक्सिफ़ाय होता है। मुंह में ऑयल घूमाने के बाद इसे थूक दें और गर्म पानी से कुल्ला करें। इसे हफ्ते में एक बार जरूर करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
