व्हाइट तारा मंत्र यह तीनों शब्द शायद आपने पहली बार सुने होंगे लेकिन आपको बता दें इस मंत्र को जपने से आपकी जिंदगी के दुख-दर्द, रास्ते में आने वाली कोई भी परेशानी दूर हो जाएगी। आपकी जिंदगी खुशियों से भर जाएगी। व्हाइट तारा मंत्र व्हाइट तारा मां का मंत्र है। व्हाइट तारा मां ग्रीन तारा मां का ही एक रुप है। उन्हें मदर ऑफ बुद्धा कहते हैं। व्हाइट तारा मां सफेद रंग को प्रस्तुत करती हैं जिसका अर्थ है शांति। तो चलिए आज अपने इस आर्टिकल के जरिए आपको बताते हैं कि इस मंत्र का अर्थ क्या है और इसे जपने से क्या-क्या फायदे होंगे।
आखिर क्या है व्हाइट तारा मंत्र?
तारा का अर्थ होता है तारा या फिर ग्रह। आध्यात्मिकता में इसका अर्थ है दूसरी ओर पार जाना या आत्मज्ञान की ओर बढ़ना। तिब्बती में तारा का अर्थ है और उद्धारकर्ता का प्रतिनिधित्व करता है। तारा एक महत्वपूर्ण बौद्ध महिला व्यक्ति है। वह सफलता, उपलब्धि, विकास, मुक्ति और जीत का चित्रण है। तारा को मुक्ति की मां, सभी बु्द्धों की मां, प्यार करने वाली मां, सर्वोच्च मां और ऐसे कई अन्य नाम है। तिब्बती बौद्ध तारा मंत्रों को 21 अलग अभिव्यक्तियों में विश्वास करते हैं। मां की पूजा उन सभी गुणों के लिए की जाती है जो उनमें प्रत्येक के पास होते हैं। इनमें से सफेद तारा और हरा तारा सबसे ज्यादा आशाजनक और फलदायक माना जाता है।

व्हाइट तारा मंत्र के अलावा 21 तिब्बती तारा मंत्र भी हैं जिनमें से प्रत्येक के अपने गुण हैं। इन ताराओं में सबसे ज्यादा आशाजनक और फलदायी माना जाता है व्हाइट तारा और ग्रीन तारा मंत्र। सफेद तारा बुद्ध परिवार की अभिव्यक्ति है उनके नाम का अर्थ है वह जो मुक्ति दिलाती है। वह सभी बुद्धों की माता है और उपचार, लंबे जीवन और ज्ञान से जुड़ी हैं। उनका बायां हाथ सभी उदारता की मुद्रा उनकी गोद में है जबकि दाहिने हाथ में कमल के फूल का तना है जो उनके दाहिने कंधे के ऊपर खिलता है। इसके अलावा उनकी तीसरी आंख उनके सिर में है जो उनकी सर्वज्ञता का प्रतीक है।
मंत्र जपने के फायदे
इस मंत्र का जाप करने से सौभाग्य, स्वास्थ्य और लंबी उम्र का फायदा होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि व्हाइट तारा बुद्ध के सभी गुणों जैसे करुणा ज्ञान और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए यदि आप इस मंत्र का जाप करते हैं तो आपको अच्छे स्वास्थ्य लंबी उम्र और अच्छे भाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
व्हाइट तारा मंत्र
*ऊं तारे तू तारे तूरे मम: आयु पुण्ये जनन पुष्टिम कुरु स्वाहा*। इस मंत्र के शुरुआत के शब्द ग्रीन तारा मंत्र के हैं और मम का अर्थ है मेरा, आयु का अर्थ है जीवन, पुण्ये का अर्थ है पॉजिटिव, जनन का अर्थ है ज्ञान ,पुष्टिम का अर्थ है धन, करु का अर्थ है कर दीजिए वहीं स्वाहा हर बुद्धिस्ट मंत्र के अंत में आता है।

