नवरात्रि के दौरान कई महिलाएं पूरे नौ दिन व्रत रखती हैं। हालांकि गर्भवती महिलाओं के लिए यह निर्णय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वे अक्सर यह सोचती हैं कि व्रत रखना चाहिए या नहीं, और यदि वे व्रत रखने का फैसला करती हैं, तो उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इस विषय पर विशेषज्ञों की राय महत्वपूर्ण है।
गर्भावस्था में फास्टिंग क्यों नहीं करना चाहिए
एक्सपर्ट के मुताबिक गर्भावस्था में फास्टिंग नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी खुराक के अतिरिक्त 500-से 800 कैलोरीज की जरूरत पड़ती है, और शिशु के विकास के लिए हर 2-3 घंटे में कुछ खाते रहना जरूरी है। ज्यादा देर तक भूखे रहने से मां और बच्चे दोनों की स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यदि आप गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉइड डिसऑर्डर्स, एनिमिया या वजन कम होने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, तो व्रत न रखें।
गर्भवती महिला को किस महीने में व्रत नहीं रखना चाहिए
पहली और तीसरी तिमाही गर्भवती महिला और शिशु के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इन समय में व्रत नहीं रखना चाहिए। यदि गर्भावस्था सामान्य है, तो आप डॉक्टर की सलाह और उचित डाइट का ध्यान रखते हुए नवरात्रि में व्रत रख सकती हैं।
दूसरी तिमाही में सावधानी
वहीं गर्भवती महिलाओं को दूसरी, तिमाही (चौथा, पांचवां, और छठा महीना) में व्रत रखना थोड़ा सुरक्षित हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आप पूरे दिन भूखे न रहें। इसके अलावा शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाने के लिए पानी, छाछ, और नारियल पानी का सेवन करें। हर 2-3 घंटे में कुछ न कुछ खाती रहें।
प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए डाइट
ब्रेकफास्ट
अमरनाथ (चौलाई) का दलिया या डोसा खा सकती हैं। इसके साथ ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, अखरोट, और खजूर लें।
लंच
लंच में कुट्टू की रोटी या आलू से भरी कुट्टू की रोटी खा सकती हैं।
शाम का नाश्ता
सिंघाड़े के आटे का हलवा लें, जो ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
रात का खाना
सामक की खिचड़ी खाएं, जो आयरन और फाइबर का अच्छा स्रोत है।
एक्टिव रहें
हर दिन 15-20 मिनट की वॉक करें ताकि आपका शरीर सक्रिय और स्वस्थ रहे। यदि आप इन टिप्स का पालन करती हैं, तो नवरात्रि में एक दिन का व्रत रख सकती हैं। लेकिन ध्यान रखें कि एक दिन से ज्यादा फास्टिंग न करें और व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
