वजन घटाने के बाद अक्सर लोगों को बहुत अच्छी फीलिंग आती है। खासकर, महिलाओं को तो वजन घटाने के बाद खुशी का अहसास होता है। उनका आत्मविश्वास बढ़ जाता है और वे अपने आकर्षक फिगर को लेकर और भी अच्छा महसूस करती हैं, लेकिन वेट लॉस जर्नी के दौरान हर महिला के ब्रेस्ट लटक यानी की ढीले हो जाते हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि स्तन महिलाओं की पर्सनालिटी का बहुत ही अहम हिस्सा होते हैं। स्तन सुडौल और कसावट भरे रहें, इसके लिए वह कई तरह के उपाय भी अपनाती हैं। हालांकि, वजन कम करने से स्तनों के साइज पर भी असर पड़ता है। वे ढीले और लटकने लगते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा ही होता है, तो परेशान न हों। आज आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिनसे स्तनों में कसाव आएगा और ये सुडौल बनेंगे।
टाइट-फिटिंग वाली ब्रा पहनें
स्तनों को सुडौल बनाए रखने और कसावट देने के लिए हमेशा फिटिंग ब्रा पहनें। कई महिलाएं ढीली या टाइट ब्रा पहनती हैं, जो उनके स्तनों के लिए सूटेबल नहीं होती। ऐसी ब्रा पहनने के कारण स्तनों में दर्द हो सकता है। वहीं, यदि आप टाइट-फिटिंग ब्रा पहनती हैं, तो इससे स्तनों को सपोर्ट मिलता है।

सोने की पोजिशन देखें
अगर वेट लॉस के कारण स्तन लटक गए हैं तो आप अपने सोने की पोजिशन पर जरूर ध्यान दें। अक्सर हम सोते समय दाईं या बाईं ओर करवट लेकर सोते हैं। इससे महिलाओं के स्तन एक ओर लटक जाते हैं। इससे लिगामेंट स्ट्रेच होने लगते हैं, जिससे स्तन और भी ज्यादा लटक जाते हैं तथा उनमें ढीलापन आ जाता है। वहीं, यदि आप अपनी पीठ के बल सोती हैं तो स्तन लटकते नहीं हैं।
स्मोकिंग को कहें ना
महिलाओं को हर तरह की बुरी आदतों को छोड़ देना चाहिए। खासतौर पर स्मोकिंग जो महिलाएं लगातार स्मोकिंग करती हैं, उनमें कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, इसका निगेटिव असर उनके स्तनों के आकार पर भी पड़ता है। यदि आपने हाल में ही अपना वजन कम किया है, जिससे स्तन लटकने लगे हैं तो स्मोकिंग जैसी बुरी आदतों को पूरी तरह छोड़ दें।

वजन रखें बैलेंस
यदि आपने काफी ज्यादा वजन कम किया है, तो इसका असर पूरी बॉडी पर देखने को मिलेगा। हाथ, जांघ और स्तनों के आसपसा जमा चर्बी कम होने के कारण वहां की स्किन लटक जाती है। इस तरह की स्थिति में स्तन बेडौल और ढीले दिखते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो एक बार वजन कम करने के बाद, इसका संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इससे धीरे-धीरे आपके शरीर की कसावट लौट आती है, जिसका असर स्तनों पर भी दिखता है।
मसल्स वर्कआउट
हालांकि, स्तनों में कोई मसल्स नहीं होते, इसके बावजूद यदि आप मसल्स वर्कआउट पर ध्यान देती हैं, तो इससे स्तनों के आसपास की मसल्स टोंड रहेगी। इस तरह, स्तनों के आकार में भी सुधार होगा।वर्कआउट में आप चेस्ट, कंधे और अपर आर्म्स की मसल्स पर फोकस कर सकती हैं।

