कई बार आपने पुरुषों को देखा होगा कि वे भी अपनी स्किन की देखभाल महिलाओं की तरह ही करते हैं। वे भी यही चाहते हैं कि उनकी स्किन महिलाओं की तरह शाइनिंग और खूबसूरत बने। इसका यही मतलब है कि हम सभी को लगता है कि पुरुषों और महिलाओं की स्किन में फर्क होता है लेकिन अब यहां पर सवाल यह आता है कि क्या सच में ऐसा होता है तो चलिए जानते हैं इस बारे में पूरा डिटेल में।
अलग होती है पुरुषों और महिलाओं की स्किन
एक्सपर्ट्स की मानें तो पुरुषों और महिलाओं की स्किन एक-दूसरे से अलग होती है। जहां एक और महिलाओं की स्किन सॉफ्ट होती है वहीं पुरुषों की स्किन इससे अलग होती है। इससे पहले हम दोनों की स्किन के बीचे के फर्क को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। महिलाओं और पुरुषों की स्किन में फर्क होने का मुख्य कारण हार्मोन होते हैं। पुरुषों में टेस्टेस्टेरोन नाम का हार्मोन ज्यादा होता है जो कि पुरुषों की स्किन को मस्कुलिन बनाता है जबकि महिलाओं के पास एस्ट्रोजन होता है जो उनकी स्किन को पुरुषों से अलग सॉफ्ट और पतला बनाता है।

कोलेजन का स्तर
कोलेजन हमारी स्किन को इलास्टिसिटी देने और चमक बरकरार रखने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हर उम्र के साथ-साथ इसके स्तर में गिरावट आती रहती है। जहां पुरुषों में कोलेजन का स्तर निरंतर घटता रहता है, वहीं महिलाओं का कोलेजन मेनोपॉज के बाद तेजी से क्षतिग्रस्त होने लगता है।
थिकनेस होती है बहुत अलग
पुरुषों और महिलाओं की स्किन की थिकनेस भी अलग-अलग होती है। जहां, एक ओर महिलाओं की स्किन ज्यादा पतली होती है, वहीं पुरुषों की स्किन हल्की-सी ज्यादा थिक होती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो पुरुषों की स्किन महिलाओं की तुलना में करीब 20 फीसदी ज्यादा थिक होती है।
एजिंग फैक्टर
पुरुषों और महिलाओं में एजिंग फैक्टर भी अलग-अलग उम्र में नजर आते हैं। दरअसल, पुरुषों के चेहरे पर एजिंग फैक्टर यानी झाइयां, झुर्रियां या डार्क सर्कल देरी से नजर आने शुरू होते हैं। वहीं, महिलाओं में ये बदलाव काफी कम उम्र से देखे जा सकते हैं। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि पुरुषों और महिलाओं की स्किन एक-दूसरे से बहुत अलग होती है। इसलिए, पुरुषों को अपनी स्किन की केयर उसी हिसाब से करनी चाहिए।

