मानसून के इस मौसम में लोगों में मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, बारिश के पानी में मच्छर तेजी से पनपता है ऐसे में लोगों को बुखार, डेंगू और मलेरिया होने का खतरा रहता है। बदलते समय डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। डेंगू होने पर ज्यादातर लोग इसे सामान्य बुखार मानकर इलाज में देरी कर देते हैं। इससे उन्हें अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती है। डेंगू में लोगों को ब्लीडिंग, ब्लड प्रेशर में गिरावट और अन्य रोग हो सकते हैं। ऐसे में बुखार होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलने की जरुरत होती है। डेंगू होने पर शरीर के अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं। तो चलिए आज इस आर्टिकल के जरिए बताते हैं कि क्या डेंगू होने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है।

डेंगू और लंग्स में पानी भरने के बीच क्या कनेक्शन है?

स्टडी की मानें तो डेंगू बुखार के कुछ मामलों में रोगी की स्थिति गंभीर हो सकती है। खासकर जब यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (DHF) या डेंगू शॉक सिंड्रोम (Dengue shock syndrome) का रूप ले ले। डेंगू हेमोरेजिक फीवर में शरीर के अलग अंगों से ब्लीडिंग शुरू हो सकती है और प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो जाती है। इस स्थिति में नसों की दीवारें कमजोर हो जाती हैं, जिससे ब्लड का कुछ हिस्सा बाहर निकलकर शरीर के अन्य हिस्सों में भरने लगता है। जब यह तरल फेफड़ों में इकट्ठा हो जाते हैं तो इसे पल्मोनरी एडिमा (pulmonary edema) कहते हैं।

फेफड़ों में पानी भरने के कारण

डेंगू के कुछ गंभीर मामलों में आगे बताए कारणों से लंग्स में पानी भरने की समस्या हो सकती है।

प्लेटलेट्स की कमी

डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। प्लेटलेट्स ब्लड क्लॉटिंग में मदद करते हैं, और जब इनकी कमी होती है तो ब्लीडिंग और रक्त का तरल हिस्सा फेफड़ों में भर सकता है।

ब्लड वैसल लीकेज

डेंगू वायरस से प्रभावित होने पर ब्लड वैसल की दीवारों से लीकेज हो सकती है, जिससे रक्त का कुछ तरल हिस्सा फेफड़ों में भर सकता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर का इम्यून सिस्टम ज्यादा ओवररिएक्ट करता है।

फ्लूयड रिटेंशन

डेंगू का इलाज कराते समय शरीर में आवश्यक से अधिक तरल पदार्थ देने पर फेफड़ों में पानी भरने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह तब होती है जब डॉक्टर शरीर में फ्लूयड बैलेंस पर सही ध्यान नहीं देते।

ऐसे प्रभावित करता है डेंगू

डेंगू एक खतरनाक वायरस है और इसके गंभीर रूपों में फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। डेंगू के लक्षण दिखते ही व्यक्ति को उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए घर के आसपास पानी न भरने दें। साथ ही, बाहर जाते समय शरीर को पूरी तरह कवर करने वाले कपड़े पहनें। सही समय पर डेंगू की पहचान और इलाज से डेंगू के कारण अन्य रोगों से बचाव किया जा सकता है।

By tnm

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