अक्सर ये कहा जाता है कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, लेकिन यह बात तभी ठीक लगती है जब कुछ सीखने या करने की बात हो, रिलेशनशिप में इसका असर वर्तमान और भविष्य दोनों पर पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया की डीकन यूनिवर्सिटी के मुताबिक, दंपत्ति के उम्र के अंतर में रिश्ते पर नकारात्मक असर पड़ता है। उम्र का अंतर सोच में भी अंतर लाती है, टकराव बढ़ता है और रिश्ता भी कमजोर होता है। इसका एक अच्छा उदाहरण बॉलीवुड एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना का रिश्ता है।
एक्ट्रेस की शादी सिर्फ 15 साल की उम्र में राजेश खन्ना से हुई थी और दोनों की उम्र में 15 साल का अंतर था। डिंपल कपाड़िया ने लेडीज ऑर्गनाइजेशन के एक इवेंट में इस बारे में बात करते हुए बताया कि शादी के बाद वह गूंगी थी। मिसेज राजेश खन्ना होना ही उनकी लाइफ का बेस्ट रोल था। उनका कहना था कि शादी से पहले उन्हें लगता था कि उनकी लाइफ भी फिल्मों जैसी होगी लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं।
इन वजहों से उम्र के अंतर वाले रिश्तों को निभाना कठिन है
Priorities में अंतर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलग-अलग उम्र के पार्टनर की प्राथमिकताएं, लक्ष्य और सोच अक्सर अलग-अलग होते हैं, जो उनके सामने समस्याएं लाते हैं। कम उम्र वाले ज्यादातर अपने करियर और ग्रोथ पर फोकस्ड होते हैं, जबकि ज्यादा उम्र वाले लॉन्ग टर्म प्लानिंग पर ध्यान देना पसंद कर सकते हैं, जिससे गलतफहमियां पैदा होती हैं।
विभिन्न Lifestyle
एज गैप की वजह से पार्टनर्स की लाइफस्टाइल में भी अंतर आ सकता है। उदाहरण के लिए कम उम्र वाला पार्टनर ज्यादा एनर्जेटिक होगा, जबकि ज्यादा उम्र वाला कम। खाने-पीने, सोने-जागने या रुटीन में अंतर हो सकता है।
सामाज का दबाव
समाज में भी उम्र में अंतर वाले कपल्स के रिश्तों को लेकर काफी नकारात्मक धारणाएं देखने को मिल सकती हैं, जिसका दबाव रिश्ते पर देखने को अक्सर मिल सकता है। समाज के ताने और दवाब रिश्तों में टकराव लाते हैं।
Health Issues
एज गैप होने की वजह से पार्टनर में हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती है। उदाहरण के लिए ज्यादा उम्र की वजह से अगर एक पार्टनर ज्यादा खर्राटे लेता है तो दूसरे को इससे परेशानी हो सकती है। इस वजह से एक दूसरे की दिक्कतें समझने में कठिनाई आती है और रिश्ते में दूरियां बढ़ सकती हैं।
Financial प्रॉब्लम्स
उम्र के अंतर से फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स भी एक बड़ा हिस्सा है। अब एक पार्टनर की इनकम दूसरे की तुलना में कम या ज्यादा हो सकती है। इस वजह से भविष्य की चिंता भी परेशान कर सकती है। उदाहरण के लिए एक पार्टनर जल्दी रिटायर होता है तो दूसरे की भी चिंता बढ़ सकती है।
