इन दिनों जहां लोग नए दौर के साथ आगे बढ़ रहे हैं, नई चीजें सीख रहे हैं, वहीं रिसर्च में भी अलग-अलग चीजें सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक स्टडी सामने आई है, जो अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने सिम्बियोसेक्सुअलिटी पर की है। क्या है सिम्बियोसेक्सुअलिटी? अचानक कहां से आई ये टर्म? इसके बारे में जानने के लिए आपको ये लेख पढ़ना होगा।
क्या है Symbiosexuality?
आजकल अलग-अलग तरह की सेक्सुअलिटी सामने आ रही हैं। जिसमें से एक है सिम्बियोसेक्सुअलिटी। ये टर्म लोगों के बाच काफी प्रचलित हो रही है। बता दें कि सिम्बियोसेक्सुअलिटी एक सेक्सुअल आइडेंटिटी है। इसमें व्यक्ति को सेक्सुअल आकर्षण सामान्य नहीं होती है। इसमें व्यक्ति एक व्यक्ति के प्यार में या उससे आकर्षित नहीं होता है। बल्कि इसमें व्यक्ति प्यार करने वाले एक कपल की ओर आकर्षित होता है।
ये जानकर काफी अजीब लगेगा, लेकिन यह सच बात है। किसी दूसरे कपल को प्यार में देख सिम्बियोसेक्सुअल को सेक्सुअल अट्रैक्शन होती है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी की तरफ से पब्लिश की गई स्टडी से पटा चला है कि ये टर्म कोई इतनी पुरानी नहीं है और एक नई तरह की सेक्सुअल आइडेंटिटी है, जिसमें व्यक्ति अलग तरीके से सेक्सुअल बिहेवियर करता है।
इस तरह के होते हैं Symbiosexuals
बताया गया है कि होमोसेक्सुअल, बायसेक्सुअल की तरह ही सिम्बियोसेक्सुअल लोग सामने आ रहे हैं। स्टडी में सामने आया है कि कि इनका सेक्सुअल ओरिएंटेशन पॉलीमर, स्विंगिंग और ओपन रिलेशनशिप से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया गया कि अनोखा ही सही लेकिन सिम्बियोसेक्सुअलिटी लोगों का व्यवहार दूसरे लोगों से इमोशनली, मेंटली और फिजिकली जुड़ाव दिखाता है।
दूसरे कपल की केमेस्ट्री या साथ में देखकर सिम्बियोसेक्सुअल व्यक्ति रोमांटिक और सेक्सुअल जुड़ाव महसूस करता है। इसका एक्सपीरिएंस हर इंसान अलग अलग करता है। कुछ सिम्बियोसेक्सुअल कपल के साथ बातचीत या उनके साथ वक्त बिताने का मन बनाते हैं और कुछ लोग उनके साथ यौन संबंध बनाने के लिए आकर्षित भी दिखते हैं।
ऐसे लोग किसी कपल को देखकर जलन का शिकार या दुखी नहीं होते हैं, बल्कि उनके साथ वक्त बिताने और एक्सपीरिएंस साझा करने के लिए उतावले नजर आते हैं।
