जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। 40-50 साल की उम्र में मांसपेशियां कमजोर भी होने लगती हैं। इसके अलावा खराब डाइट, बिगड़ता लाइफस्टाइल और तनाव मसल्स को कमजोर बना देते हैं। मांसपेशियों में होने वाली इस कमजोरी या लॉस को सारकोपीनिया (Sacropenia) कहते हैं। दुनिया में करीबन 50 मिलियन लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं और अगले 40 साल में यह संख्या 200 मिलियन से भी ज्यादा हो सकती है। मसल लॉस से ऊर्जा और गतिशीलता भी कम होने लगती है। ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि 50 की उम्र के बाद मसल्स कितने कम हो जाते हैं।
50 साल की उम्र में इतना होना चाहिए मसल्स लॉस
एक्सपर्ट्स की मानें तो हर 10 सालों में 3-8% तक मसल्स लॉस होता है। मतलब शरीर में इतना मसल्स कम हो जाता है, इस हिसाब से 50 साल की उम्र के बाद 15-40% तक मसल्स कम हो सकता है। जिसकी वजह से उम्र बढ़ने पर शरीर ढीला, कमजोर और मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। कई महाद्वीपों में हेल्दी बुजुर्गों पर हुई स्टडी में पता चला है कि 17.5% भारतीयों को एडवांस्ड मसल्स लॉस था।

मसल्स लॉस सेहत को कैसे प्रभावित करता है
उम्र बढ़ने के साथ बड़ी मात्रा में मांसपेशियों का द्रव्य खत्म होता जाता है और उसकी ताकत भी जाती रहती है। 50 साल की उम्र के लोग ज्यादा मसल्स लॉस कर सकते हैं। 70 साल की उम्र में यह दोगुनी हो जाती है, भारत के हर तीसरे पुरूष और 5वीं महिला को सार्कोपेनिया है।
ऐसे पता करें कि मसल्स हो रहे हैं कम
मसल्स लॉस होने पर स्टैमिना कम हो जाता है और थकान ज्यादा लगने लगती है।
तेज चलने और दौड़ने में समस्याएं आती हैं।
सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई होती है और फिजिकल एक्टिविटीज कम हो सकती हैं।

शरीर का बैलेंस बनाने में समस्या हो सकती है।
ऐसे बचाएं मसल्स
नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें.
वर्कआउट के साथ वेट लिफ्टिंग, लंजीस और स्क्वाट्स आप कर सकते हैं।
पूरी नींद लें।

कैलोरी और प्रोटीन इनटेक बढ़ा दें।
तनाव कम लें।
विटामिन डी, ओमेगा 3 फैटी एसिड ज्यादा से ज्यादा खाएं।
