इंडियन बॉलीवुड के फेमस अभिनेता अमिताभ बच्चन इस उम्र में भी जिस जज़्बे और हौसले के साथ काम करते हैं, वह प्रेरणादायक है। उनकी ज़िंदगी में कई मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। समय-समय पर कई बीमारियों ने उनके जज्बे और जोश को कम करने की कोशिश की, लेकिन वे हर बार मजबूती से उभरकर सामने आए।
अमिताभ बच्चन टीवी का सुपरहिट शो कौन बनेगा करोड़पति’ होस्ट करते हैं। इस शो के 15वें सीजन में उन्होंने बताया कि वे मायस्थेनिया ग्रेविस नामक बीमारी से पीड़ित हो गए थे। यह बीमारी उनके लिए इतनी गंभीर थी कि उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को बीच में छोड़ने का फैसला बना लिया था। हालांकि अब वो इस बीमारी को मात दें चुके हैं। चलिए इस बीमारी के बारे में जानते हैं।
मायस्थेनिया ग्रेविस की बीमारी
मायस्थेनिया ग्रेविस मांसपेशियों से जुड़ी हुई बीमारी है। इसमें मरीज की मांसपेशियां बुरी तरह से प्रभावित होती हैं, जिससे नर्वस सिस्टम के सेल्स, टिश्यूज और मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन कम होने लगता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में होने वाले खास तरह के केमिकल की कमी के कारण ऐसा होता है। इसके कारण आंख, चेहरा, गला, हाथ, पैर की मसल्स कमजोर होने लगती हैं और व्यक्ति को अक्सर थकावट होने लगती है।
अमिताभ बच्चन का संघर्ष
अमिताभ बच्चन ने बताया कि इस बीमारी के दौरान वे पानी नहीं पी सकते थे, अपने कोट के बटन नहीं लगा सकते थे और यहां तक कि अपनी आंखें बंद या खोल भी नहीं सकते थे। डॉक्टर ने उन्हें दवा लेने और आराम करने की सलाह दी, लेकिन वे बहुत डरे हुए और चिंतित थे। जब वे घर आए तो सोच रहे थे कि वे कभी फिल्मों में कैसे काम कर पाएंगे। वे चल भी नहीं सकते थे और उन्हें नहीं पता था कि वे ठीक से बात भी कर पाएंगे या नहीं। यह उनके लिए एक कठिन समय था।
बीमारी के दौरान क्या करें
मायस्थेनिया ग्रेविस के दौरान कमजोरी होती है। इसलिए सबसे जरूरी चीज़ है कि जितना हो सके आराम करें। मरीज को फिजिकल एक्टिविटी बंद कर देनी चाहिए। इस बीमारी के लक्षणों में सीने और मसल्स में तेज दर्द, खाने और चबाने में दिक्कत, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी, बात करने में मुश्किल, सांस लेने में दिक्कत और हमेशा थकान महसूस होना शामिल है।
निर्देशक मनमोहन देसाई का साथ
अमिताभ बच्चन ने अपने एक्टिंग करियर को छोड़ने का फैसला किया था, लेकिन निर्देशक मनमोहन देसाई ने उन्हें व्हीलचेयर पर चलने वाला रोल ऑफर किया। यह रोल उनके लिए एक अंधेरी सुरंग के अंत में रोशनी के समान था। यह उनके लिए एक उम्मीद की किरण थी, जिसने उन्हें फिर से अपने करियर को आगे बढ़ाने का साहस दिया।
जज़्बा और हौसले की मिसाल
अमिताभ बच्चन का जज़्बा और हौसला उनके फैंस के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई खट्टी-मीठी यादें ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के माध्यम से अपने फैंस के साथ साझा करते हैं। उनके संघर्ष और सफलता की कहानियां सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
बीमारी के खतरे
मायस्थेनिया ग्रेविस का खतरा उन लोगों को अधिक होता है जो अंदर से कमजोर होते हैं, अधिक तनाव में रहते हैं और उचित डाइट का पालन नहीं करते हैं। यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। एक शिशु से लेकर वयस्क भी इससे पीड़ित हो सकता है।
