आज कल के लाइफ स्टाइल में बहुत कुछ बदल का रख दिया है। इसमें हमारी आदतें भी शामिल हैं। वहीँ अगर बात क्रॉनिक रोग से पीड़ित लोगों की, की जाये तो उनके इलाज और देखभाल के लिए लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं। बावजूद इसके किसी तरह का कोई समाधान नहीं निकलता है। वहीँ सेहत सिर्फ जीन या देखभाल पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसका असर हमारी आदतों पर भी पड़ता है। इसलिए हमें अपने व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है।

एआई बदला हमारी आदतें

बता दें वास्तविक जीवन में अपनी आदतों को बदलना बहुत ही मुश्किल होता है। वहीँ सेलिब्रिटीज, स्पोर्ट्समैन और फिल्मी सितारे तो पर्सनल कोच की मदद से खुद को सही रख पाते हैं। लेकिन आम जनता ऐसा कुछ भी नहीं कर पाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और थ्राइव ग्लोबल के सीईओ एरियाना हफिंगटन एआई का ऐसा नया मॉडल लाने के लिए फंडिंग कर रहे हैं जो रियल टाइम में डेटा को एनालाइज करके आपकी आदतों को बदलने में हेल्प कर सकता है।

एआई हाइपर-पर्सनलाइजेशन का करेगा यूज़

आपको बता दें ऑल्टमैन के मुताबिक सेहत का हर पहलू नींद, भोजन, दिनचर्या, तनाव प्रबंधन और सामाजिक जुड़ाव के पांच बुनियादी दैनिक व्यवहारों से गहराई से प्रभावित होता है। इनमें बदलाव मुश्किल ही होता है। लेकिन अब एआई हाइपर-पर्सनलाइजेशन की मदद से इन व्यवहारों में सुधार करने की तैयारी में है।

एआई देगा सलाह

यहां बता दें कि अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो आपका पर्सनल एआई कोच आपके व्यस्त कार्यक्रम के बीच रियल टाइम हेल्थ डेटा के आधार पर खाने और दवाओं को लेकर आपकी मदद क्रेग और आपको इन्हें लेने की सलाह भी देगा। जरूरत पड़ने पर यह छोटे ब्रेक लेने के लिए आपको आर्डर दे सकता है। इतना ही नहीं, हर व्यक्ति की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार ये एआई सुझाव देगा।

इस तरह से ट्रेनिंग दी जाएगी

ये एप व्यवहार परिवर्तन पद्धति, बायोमेट्रिक, लैब और अन्य चिकित्सा डेटा पर प्रशिक्षित होगा। किसी व्यक्ति में तनाव कम करने के प्रभावी तरीके, छोटी-बड़ी यादों के साथ मिलाकर इंटीग्रेटेड पर्सनल एआई कोच तैयार किया जाएगा। इसे आपकी हर एक छोटी-छोटी आदतें भी पता होंगी।

Routine में बदलाव हुआ तो नए विकल्प भी बताएगा

ऑल्टमैन और एरियाना के अनुसार, एआई रियल टाइम में बेहतर विकल्प चुनने में मदद कर सकता है। यह हमारी स्वास्थ्य जानकारी का उपयोग करके हमें प्रेरित करने वाली बातों के सुझाव भी दे सकता है। दोनों मिलकर एआई हेल्थ कोच के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

By tnm

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