आज कल तबियत कब खराब हो जाये कुछ पता नहीं होता। लेकिन अगर हम अपने शरीर का ध्यान पहले से रखें तो कुछ बिमारियों की चपेट में आने से बच सकते हैं। कहने का मतलब हमारे शरीर में किसी भी विटामिन की कमी होने से काफी समस्याएं हो सकती हैं। वहीँ आजकल एक विटामिन है जो सबसे ज्यादा शरीर में कम हो रहा है। जिसकी कमी के कारण न सिर्फ हड्डियों की कमजोरी हो रही है बल्कि इम्यून सिस्टम भी प्रभावित हो रहा है। विटामिन डी की कमी से शरीर में ऑस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीँ अगर ये भरपूर मात्रा में हो तो सर्दी-खांसी, फ्लू जैसी बीमारियों से भी बचाती है। विटामिन डी मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने का काम भी करता हैं।
कहां से लें विटामिन डी
एप्क्सेर्ट्स के मुताबिक विटामिन हमारे शरीर को सूरज की किरणों से भरपूर मिलता है। लेकिन अगर सुबह सुबह की किरणों को लिया जाये। वहीँ भोजन की बात करें तो टूना फिश, अंडे की जर्दी और मशरूम में भी विटामिन डी अच्छी मात्रा में होता है। इसका सेवन करने से काफी लाभ मिलता है। बता दें धूप न लेने और डाइट का ध्यान न रखने से शरीर में विटामिन डी की कमी होने लगती है। इसकी कमी के लक्षण शरीर में नजर भी आने लगते हैं, लेकिन लोगों को इसका पता नहीं चल पाता है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि विटामिन डी की कमी होने का किस तरह से पता चलता है। आइए इस बारे में जानते हैं।
क्या है लक्षण
शरीर में थकान बनी रहती है
एनर्जी लेवल गिरने लगता हैं
हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होता है
ब्रेन की हेल्थ पर भी पड़ता है, इससे मूड स्विंग्स, उदासी, और डिप्रेशन जैसी परेशानी हो सकती हैं
विटामिन डी का रिलेशन भावनाओं से भी
बता दें विटामिन डी का संबंध न्यूरोट्रांसमीटर्स से भी होता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर्स दिमाग में भावनाओं को कंट्रोल करने का काम करते हैं। जब विटामिन डी की कमी होती है , तो यह न्यूरोट्रांसमीटर्स काफी इफ़ेक्ट होते हैं। इससे मेंटल स्ट्रेस बढ़ने लगता है। लंबे समय तक दुखी रहना, उदास होना और सिर में दर्द होने का भी ये कारण बनता है।
किस तरह से करें बचाव
रोजाना 15-20 मिनट धूप में बिताएं
मछली, अंडे की जर्दी और मशरूम का सेवन करें
दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें
डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स लें
स्वास्थ्य जांच कराएं ताकि इसकी कमी का सही समय पर पता चले
