सर में तेज दर्द हुआ तो केमिस्ट से लेकर मेडिसिन खा ली। लेकिन आराम नही मिला, फिर डॉक्टर से मेडिसिन ली, लेकिन फिर भी आराम नहीं आया। ऐसे में मरीज के कुछ टेस्ट किये गये, तो पता चला मरीज को ब्रेन tumour है। जी हाँ ये बीमारी जानलेवा भी हो सकती है अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं कराया गया। वहीँ हर साल 8 जून को world brain tumour डे लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। ऐसे में इसके बारे में और भी अधिक जानकारी के लिए हमने बात की श्रीमन अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. संदीप कुमार कुंडल से, जिन्होंने बताया कि इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए।

आखिर क्या होता ही ब्रेन ट्यूमर

डॉ. संदीप ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर दिमाग में या उसके आस-पास कोशिकाओं की वृद्धि है। ब्रेन ट्यूमर ब्रेन टिश्यू में हो सकता है। यह ब्रेन टिश्यू के पास भी हो सकता है। आस-पास के स्थानों में नर्व, पिट्यूटरी ग्लैंड, पीनियल ग्लैंड और ब्रेन की सतह को ढकने वाली झिल्लियों में भी हो सकता है।

ब्रेन ट्यूमर के कारण क्या होते हैं

डॉ. संदीप के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर का वैसे तो कोई सटीक कारण नहीं है लेकिन इसके लिए कुछ फैक्टर जिम्मेदार होते हैं। वहीँ ये जेनेटिक भी हो सकता है। अगर आपके पारिवारिक इतिहास में यह बीमारी रही है तो आपको भी ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा रहता है। जिन लोगों को ल्यूकेमिया बीमारी है उनको भी ब्रेन ट्यूमर का रिस्क हो सकता है।

लक्षण भी जान लें

डॉ. संदीप के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर के लक्षण कई तरह के होते हैं, जिसमे

सिर दर्द का धीरे-धीरे बढ़ना

सोचने समझने में समस्या होना

आंखों से धुंधला दिखना

सुस्ती एवं थकान महसूस होना

वहीँ अगर किसी व्यक्ति को सिरदर्द के साथ धुंधला दिख रहा है तो इसे इग्नोर न करें। डॉक्टर को दिखाकर समय से इलाज शुरू करवाएं।

सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर

डॉ. ने बताया कि ज्यादातर ये 50 की ऊपर से उम्र वाले लोगों को होता है। वहीँ ये एक लाख लोगों में से 5 -6 व्यक्तियों को होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर लोग ज्यादा रेड मीट का सेवन करते हैं उन्हें इसके होने खतरा रहता है। ऐसे में इन लोगों को इसक सेवन से बचना चाहिए। डॉ. संदीप ने बताया कि अगर समय रहते इसको डिटेक्ट कर लिया जाये तो मरीज की जान बचायी जा सकती है। वहीँ अगर ट्यूमर फ़ैल गया है तो कुछ रेडिएशन थेरेपी के जरिये इसको ठीक किया जा सकता है। उन्होंने ये भी बताया कि जब ब्रेन के अलावा ट्यूमर बाकि जगह पर फैलता है तो उसे सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। इसका भी अगर समय रहते पता चल जाये तो इलाज संभव है।

इस साल की थीम

डॉ. संदीप ने बताया कि हर साल इस दिन को थीम के अनुसार ही मनाया जाता है। वहीँ 8 जून 2024 की थीम ब्रेन ट्यूमर एण्ड प्रिवेंशन रखी गयी है ताकि बढ़ते ब्रेन ट्यूमर के मामलों पर अंकुश लगाया जा सके। अगर किसी व्यक्ति को लगातार सिर दर्द और उल्टी की समस्या है खासकर सुबह नींद से जागने के बाद तो यह ब्रेन ट्यूमर का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है, ऐसे में डॉक्टर को दिखाएँ और समय रहते इलाज करवाएं।

By tnm

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