आज कल हर किसी का स्क्रीन टाइम बहुत ही ज्यादा है। कई कई घंटे लोग स्क्रीन के सामने ही बैठे रहते हैं। कुछ तो लोग पने काम के कारण इतना लम्बा स्क्रीन टाइम करते हैं , लेकिन कुछ तो बेकार में ही स्क्रीन पर अपना समय बर्बाद करते हैं। ऐसे में दोनों ही सूरतों में आँखों का ख़राब होना अब आम हो गया है। इसकी वजह से  मायोपिया की प्रॉब्लम हो रही है।  इसे बोलचाल में निकट दृष्टिदोष भी कहते हैं। मायोपिया विश्व स्तर पर सबसे आम नेत्र विकारों में से एक है। इसमें दूर की वस्तुएं धुंधली दिखने लगती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 2050 तक विश्व स्तर पर आधी आबादी मायोपिया या निकट दृष्टिदोष से प्रभावित हो जाएगी। ऐसे में इस पूरी दुनिया में इस बीमारी की गंभीरता और इसके कारणों को लेकर चिंता बनी हुई है। डब्ल्यूएचओ की भविष्यवाणी ने ये चर्चा छेड़ दी है कि वे कौन सी चीजें हैं जो इस स्वास्थ्य संकट को कम करने के लिए की जा सकती हैं। क्योंकि इसका कारण पर्यावरणीय चेंज और आधुनिक जीवनशैली में बदलाव है।

स्क्रीन टाइम 12 -15 घंटे

Who के मुताबिक आज के समय में हम सभी दिन में 12 से 15 घंटे स्क्रीन का यूज़ कर रहे हैं। इसमें काम के दौरान कंप्यूटर के सामने और फिर मोबाइल स्क्रीन पर बिताया गया समय शामिल है। हम अपनी आँखों की उतनी देखभाल नहीं कर रहे हैं जिसकी उसको जरूरत है। दरअसल मोबाइल और कंप्यूटर से निकलने वाली रोशनी वास्तव में हमारी आँखों के लिए काफी हानिकारक है। ऐसे में आंखों की सुरक्षा के लिए क्या किया जा सकता है। उसके बारे में सोचने की जरूरत है।

स्क्रीन के दुष्प्रभाव से आंखों को किस तरह से बचाया जा सकता है

20/20/20 नियम

इस नियम के अनुसार 20 मिनट तक अपनी स्क्रीन को देखने के बाद 20 सेकंड के लिए अपने से कम से कम 20 फीट दूर किसी चीज़ को देखें। इससे आप अपनी आंखों को आराम दे पाएंगे।

तेज रोशनी के सबसे ज्यादा असर आँखों पर पड़ता है। जब आप फ़ोन या कंप्यूटर का उपयोग करते हैं, तो बैकग्राउंड की लाइट को कम रखें। ताकि उससे निकलने वाली तेज रौशनी का असर आपकी आँखों पर कम पड़े।

पलक को झपकाएं

हो सकता है आपको इसका एहसास न हो लेकिन स्क्रीन को देखते समय लोग बहुत कम पलकें झपकाते हैं। पलकें झपकाना हमारी आँखों के लिए ही जरुरी होता है। यह उन्हें नम करता है, जलन और सूखापन से बचाता है। जब आप पलकें नहीं झपकाते हैं तो आपकी आंखे तेजी से ड्राई होने लगती हैं। जब आप किसी काम में बिजी हैं तो  तो आप प्राकृतिक रूप से शुष्क वातावरण में ही होते हैं। कुछ देर के लिए अपनी आँखें बंद कर लें जैसे कि आप पलक झपकते ही सो रहे हों। इससे आराम मिल सकता है।

स्क्रीन प्रोटेक्टर

 आँखों को सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर स्क्रीन प्रोटेक्टर का यूज़ करें। जो आपकी आँखों को हानिकारक नीली रोशनी से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आप ये सुरक्षात्मक स्क्रीन अपने मोबाइल और कंप्यूटर दोनों के लिए यूज़ का सकते हैं।

कंप्यूटर चश्मा के यूज़

अपनी आंखों को कंप्यूटर स्क्रीन से बचाने के लिए कंप्यूटर चश्मा डिजाईन किया गया है। ये चश्मे विशेष रूप से हर दिन घंटों कंप्यूटर पर देखते समय हानिकारक नीली रोशनी के संपर्क में आने को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं।

By tnm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *