हर महिला का सपना होता है कि वो मां बने। ऐसे में जब उसे ये सुख प्राप्त होता है तो वो अपने साथ साथ अपने होने वाले बच्चे का भी खासतौर पर ध्यान रखती है। फिर चाहे वो खाने की चीजे हो या फिर अन्य कोई काम, वो बहुत ही संभलकर करती है। ऐसे में यदि वो थोड़ी सी भी लापरवाही करती है तो उसे भारी पड़ सकता है। वहीँ हर गर्भवती महिलाओं के मन में आता है कि उसका बच्चा एक दम तंदरुस्त पैदा हो। मेंतास्ल्ली और फिजिकली स्ट्रोंग हो। ऐसे में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर जी ने गर्भवती महिलाओं को कुछ टिप्स दिए हैं कि उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। वहीँ गुरुदेव के बताए हुए टिप्स आपके भी बहुत काम आ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि गर्भवती महिलाओं के लिए श्री श्री रवि शंकर जी ने क्या सुझाव दिए हैं।
प्रेग्नेंसी में औरतों को जरुर करने चाहिए ये दो काम
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संगीत सुनना देता है पॉजिटिव सोच
गुरुदेव ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को संगीत सुनने से काफी लाभ मिल सकते हैं। ऐसे में उन्हें इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक सुनना चाहिए। वहीँ रात को सोने से ठीक पहले ऐसा म्यूजिक सुन सकते हैं। इससे अच्छी नींद भी। इसके अलावा आप इस समय डरावनी फिल्में बिलकुल भी न देखें। उन चीजों से दूर रहें जिनमे हिंसा दिखाई गयी हो और जो आपको डरा दें।
हरे रंग को हमेशा अपने पास रखने की कोशिश करें
गुरुदेव ने कहा कि भारत जैसे पारंपरिक देश में महिलाओं को गर्भावस्था के समय अपने पास हरे रंग का यूज़ करना चाहिए। आप हरे रंग को देखें या इस रंग के कपड़े पहन सकते हैं। हरे रंग के हर शेड से लाभ मिलता है। आप इस रंग को अपने आसपास हमेशा रखें, लेकिन लाल और ग्रे रंग से दूरी बना लें। हर रंग हमारे दिमाग पर अच्छा असर डालते हैं। इस समय आपको हरे रंग को ही अपने आसपास रखने की जरूरत है।
किस तरह से प्रेग्नेंसी पर हरे रंग का असर पड़ता है
बता दें हरा रंग जन्म का सिंबल माना गया है। यह नई शुरुआत करने का कारक होता है। यह रंग धरती के लिए नए जन्म जैसा है और इसलिए इसे प्रेग्नेंसी से जोड़ा गया है। इसके अलावा हरा रंग मज़बूती और हेल्दी ग्रोथ को
बच्चे के विकास में संगीत अहम भूमिका निभाता है
बता दें unicef के मुताबिक प्रेग्नेंसी में संगीत सुनने से बच्चे के ब्रेन का ब्रेन डेवलपमेंट काफी अच्छे से होता है। इससे प्रेगनेंट महिला को काफी रिलैक्स मिलता है। तीसरी तिमाही में बच्चा संगीत अच्छे से सुन पाता है। आप इस समय क्लासिकल म्यूजिक, लोरी, मेलोडी आदि सुनने का प्रयास जरुर करें। इससे आपको रिलैक्स और ख़ुशी मिलेगी।
