उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति में कई तरह के शारीरिक बदलाव होते हैं। इनमें से कुछ बदलाव लाइफस्टाइल से जुड़े होते है, जबकि कई बदलाव आपकी अन्य समस्याओं के भी कारण हो सकते हैं। बार-बार पेशाब आना ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या का संकेत हो सकता है। यह समस्या किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। साथ ही पुरुष और महिला यह किसी को भी हो सकती है लेकिन, पुरुषों में ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके लिए पुरुषों का लाइफस्टाइल और खान-पान जिम्मेदार हो सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं कि पुरुषों को ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या क्यों होती है। साथ ही इस समस्या को कैसे दूर किया जा सकता है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर क्या है?
ओवरएक्टिव ब्लैडर (ओएबी) ब्लैडर यानी मूत्राशय की उस स्थिति को कहते हैं जिसमें व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है, भले ही ब्लैडर पूरी तरह से भरा न हो।
. बार-बार पेशाब आने की इच्छा।
. रात के समय बार-बार उठकर पेशाब करना।

. अचानक और ज्यादा पेशाब की जरुरत महसूस होना।
. पेशाब को रोक पाने में असमर्थता, जिससे कभी-कभी मूत्र रिसाव हो सकता है।
पुरुषों में ओवरएक्टिव ब्लैडर के कारण
पुरुषों में ओएबी की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें से कुछ मुख्य कारण हैं जैसे।
डायबिटीज
पुरुषों में डायबिटीज एक अन्य कारण हो सकती है जो ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या का कारण बन सकता है। डायबिटीज के कारण ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है इससे ब्लैडर के सामान्य कार्य में बाधा आती है और व्यक्ति को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है।
यूरीथ्रा में रुकावट
प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण यूरीथ्रा में रुकावट हो सकती है, जिससे ब्लैडर को ज्यादा दबाव के साथ यूरिन बाहर निकालना पड़ता है। यह दबाव ब्लैडर की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है और उनके सामान्य कार्य में बाधा उत्पन्न कर सकता है, जिससे ओएबी की समस्या पैदा होती है।
न्यूरोलॉजिकल समस्याएं
कुछ न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे कि पार्किंसन रोग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस या स्ट्रोक, ब्लैडर के सामान्य कार्य को प्रभावित कर सकती हैं। ये स्थितियां ब्लैडर और मस्तिष्क के बीच के सिग्नल्स को बाधित करती हैं जिससे ब्लैडर की मांसपेशियां अत्यधिक एक्टिव हो जाती हैं। यह स्थिति ओएबी का कारण बन सकती है।
प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना
उम्र के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) कहा जाता है। यह बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि ब्लैडर पर दबाव डाल सकती है, जिससे ब्लैडर की मांसपेशियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं। इसके चलते पुरुषों को बार-बार पेशाब की जाने की इच्छा महसूस होती है, जो ओवरएक्टिव ब्लैडर का एक प्रमुख लक्षण है।
उम्र बढ़ने के साथ ब्लैडर की मांसपेशियों में परिवर्तन
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं जिसके कारण मूत्राशय की क्षमता कम हो जाती है। इसके अलावा मूत्राशय की मांसपेशियों की सेंसिटिविटी भी बढ़ जाती है, जिससे बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है। इस स्थिति को ओवरएक्टिव ब्लैडर का लक्षण माना जाता है।
इलाज
. पुरुषों में ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई इलाज उपलब्ध हैं।
. लाइफस्टाइल में बदलाव ओएबी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं, जैसे कि पर्याप्त मात्रा पानी पीना, कैफीन और अल्कोहल का सेवन कम करना और ब्लैडर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए किगेल एक्सरसाइज करना।

. डॉक्टर ब्लैडर की मांसपेशियों को नियंत्रित करने के लिए कुछ दवाईयां लिख सकते हैं।
. यदि दवाईयां और जीवनशैली में बदलाव से कोई राहत नहीं मिलती तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।
इस बात का भी रखें ध्यान
ओवरएक्टिव ब्लैडर पुरुषों में एक सामान्य समस्या हो सकती है विशेष रूप से उन लोगों में जो वृद्धावस्था, प्रोस्टेट की समस्याओं या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से परेशान हैं। हालांकि, इसकी सही समय पर पहचान करके और नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आपको ओवरएक्टिव ब्लैडर के लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और उचित उपचार शुरू करें।

